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7 गोलियां लगने पर भी लड़ते रहे DRG जवान, 4 नक्सिलयों को किया ढेर, शहीद को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

जगदलपुर : छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर क्षेत्र में गुरुवार को हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में जिला रिजर्व पुलिस (डीआरजी) के एक जवान आदिवासी जवान राजू पोयाम शहीद हो गए। लगातार कई गोलियां लगने के बाद भी शहीद जवान नक्सलियों से अंतिम सांस तक मुकाबला करते रहे तथा दो नक्सलियों को ढेर भी कर दिया। आदिवासी बड़े शूरवीर होते हैं। वे पीठ पर गोली खाना कतई पसंद नहीं करते। वे सीधे सीने पर गोली खाकर मातृभूमि के लिए मर मिट जाने पर भरोसा करते हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण है आदिवासी जवान राजू की शहादत। सात गोलियों का जख्म सहने के बाद भी राजू पोयम मैदान छोड़कर भागे नहीं, बल्कि नक्सलियों का डटकर मुकाबला करते रहे। यही कारण है कि रणबांकुरे राजू पोयम को सभी सैल्यूट कर रहे हैं।

बीजापुर जिले और दंतेवाड़ा जिले की सरहद पर गुरुवार को हुई मुठभेड़ में बस्तर संभाग के आदिवासी जिला रिजर्व पुलिस के जवान राजू पोयम ने भी इस मुठभेड़ हिस्सा लिया और आखिरदम तक लड़ते रहे। उनके साथ रहे जवानों के अनुसार डीआरजी जवान राजू पोयम बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में फोर्स का हिस्सा थे। सूत्र बताते हैं कि राजू पोयम के शरीर पर कई गोलियां लगी थी, फिर भी वह लगातार मोर्चे में डटे रहे।

जवानों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी वह अपने अंतिम सांस तक नक्सयलियों से लड़े और दो नक्सलियों को ढेर भी किया। इस मुठभेड़ में डीआरजी के जवान राजू शहीद हो गए थे। शनिवार को राजू के पार्थिव शरीर को बीजापुर मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद गृहग्राम भैरमगढ़ ले जाया गया जहां उनका आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। राजू पोयम को अंतिम विदाई देने ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। गौरतलब है कि इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल के जवानों ने 26 नक्सलियों को ढेर कर दिया था।

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