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मास्टर साहब की डिग्री फर्जी, 11 साल से स्कूल में पढ़ा रहे थे; जांच में खुल गई पोल

बिहार के कैमूर जिले में पुलिस द्वारा फर्जी शिक्षक की गिरफ्तारी की गई है. बताया जा रहा कि आरोपी पिछले 11 सालों से फर्जी शिक्षक बनकर नौकरी कर रहा था. आरोपी ने जाली प्रमाण पत्रों के सहारे शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी. ये पूरा मामला जिले मोहनिया प्रखंड के मिडिल स्कूल बघिनी का है. फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे शिक्षक का नाम अविनाश कुमार है.

आरोपी अविनाश कुमार का प्रमाण पत्र सिक्किम विश्वविद्यालय गंगटोक का था, जो जांच में फर्जी पाया गया. मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि मोहनिया थाना अंतर्गत बघिनी कला गांव से एक शिक्षक की गिरफ्तारी हुई है. इसमें निगरानी विभाग द्वारा एक जांच की गई थी और उन्हीं के द्वारा मोहनिया थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया गया है.

11 सालों में सैकड़ों बच्चों को पढ़ाया

प्रदीप कुमार ने बताया कि मोहनिया थाने के सत्यापन में अविनाश का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया. अविनाश मिडिल स्कूल बघिनी में 2014 से शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ा रहा था. अविनाश बघिनी कला का रहने वाला है. उसन 11 सालों में सैकड़ों बच्चों को पढ़ाया है. दरअसल, निगरानी विभाग जांच में अविनाशा का शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाया था. फिर इसी के आधार पर आवेदन दिया था.

मामले में पुलिस ने क्या बताया ?

इसके बाद केस दर्ज किया गया और जांच में मामला सही पाया गया. इसके बाद फर्जी शिक्षक अनिवाश को गिरफ्तार किया गया. वहीं इस मामले में पुलिस ने बाताया कि निगरानी विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी करने के मामले में शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उसकी गिरफ्तारी कर ली गई. उसको गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.’

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