Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

मनरेगा काम में बड़ी लापरवाही से घटा हादसा, सरेआम उड़ी नियमो की धज्जियां

बठिंडा : जिले में एक महिला मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है। गांव बहमण दीवाना में पंचायत द्वारा करवाए जा रहे छप्पड़ की मुरम्मत के काम में भारी लापरवाही सामने आई है। मनरेगा के तहत काम कर रही महिला मजदूर मंदीप कौर की लकड़ी की कमजोर सीढ़ी से गिरकर मौत हुई है। हादसा उस वक्त हुआ जब मंदीप करीब 35 फुट गहरे खड्डे में काम कर रही थी और असंतुलित सीढ़ी से फिसलकर सिर के बल नीचे गिर पड़ी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

मंदीप कौर पिछले 7 सालों से मनरेगा के तहत काम कर रही थीं और इसी गांव की निवासी थीं। महिला की उम्र करीब 45 साल थी और वह 2 छोटे बच्चों की मां थीं। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है, वहीं लोगों में रोष भी देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस खतरनाक काम के लिए किसी भी तरह के सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे। मौके पर काम कर रहे लोगों के अनुसार, छप्पड़ में उतरने के लिए केवल एक खस्ता हाल लकड़ी की सीढ़ी का सहारा लिया गया था। गांव के निवासी गुरसेवक सिंह ने बताया कि यह काम बेहद जोखिम भरा था और इसमें महिलाओं को लगाना न केवल अमानवीय है बल्कि गैरकानूनी भी होना चाहिए।

मृतक महिला के पति सुखपाल सिंह ने बताया कि मंदीप परिवार की रीढ़ थीं और बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी भी उसी की थी। परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए, ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। परिवार वालों ने सोमवार को एडीसी से मुलाकात कर घटना की जांच करवाने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। गांव वालों ने चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह उठता है कि क्या मनरेगा के तहत हो रहे कामों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कोई जवाबदेही तय की जाएगी, या फिर इसी तरह गरीब मजदूरों की जान जाती रहेगी?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.