Logo
ब्रेकिंग
शनिवार बैतूल आयेंगे सीएम मोहन यादव,सुरभि खण्डेलवाल को अर्पित करेंगे श्रद्धा सुमन India Heatwave Alert: कई राज्यों में 40°C पार, IMD की बड़ी चेतावनी चार साल की जैनब ने रखा रोजा। आत्मसंयम,सब्र,अनुशासन का दिया संदेश धुरंधर का दूसरा वर्जन इसी महीने होगा रिलीज, रणवीर नजर आएंगे अंडर कव्हर एजेंट सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र...
Header Ad

मध्य प्रदेश सरकार किसानों को एक बार फिर परेशान करने की तैयारी में -कमलनाथ, किसानों को प्रताड़ित करने के लिए जानबूझकर कर रही ये काम

0
भोपाल: प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने भाजपा सरकार पर किसानों को लेकर निसाना साधा है। X पर पोस्ट करते हुए कमलनाथ ने लिखा है कि मध्य प्रदेश की सरकार प्रदेश के किसानों को एक बार फिर से परेशान करने की तैयारी कर रही है। सोयाबीन की ख़रीद के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक केंद्र सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजा है।
PunjabKesari

पिछले साल 25 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया था-कमलनाथ

पिछले सालों में इस समय तक केंद्र सरकार को सोयाबीन ख़रीद का प्रस्ताव भेज दिया जाता था। पिछले साल 25 सितंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया था और 25 अक्टूबर से सोयाबीन की MSP पर ख़रीद प्रारंभ हो गई थी। साफ़ है कि किसानों को प्रताड़ित करने के लिए भाजपा सरकार जानबूझकर प्रस्ताव भेजने में देरी कर रही है। देरी करने से MSP पर सोयाबीन की ख़रीद की प्रक्रिया देर से शुरू हो पाएगी और इस बीच मजबूरी में किसानों को औने पौने दाम पर बिचौलियों को सोयाबीन बेचना पड़ेगा।

अभी मंडी में सोयाबीन का दाम 4500 रुपया प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार की ओर से सोयाबीन का घोषित MSP 5328 रुपये प्रति क्विंटल है। स्पष्ट है कि सरकारी ख़रीद शुरू न होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इससे पहले मूंग की ख़रीद के मामले में भी भाजपा सरकार ने इसी तरह का किसान विरोधी रवैया अपनाया था।

सरकार ने जानबूझकर लंबे समय तक मूंग ख़रीदी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को नहीं भेजा था और इस बीच सूत्रों के हवाले से ऐसी ख़बरें चलायी थी कि मध्य प्रदेश के किसानों का मूंग ज़हरीला है।  बाद में कांग्रेस पार्टी और किसानों के भारी विरोध के बाद सरकार ने मूंग ख़रीद की प्रक्रिया शुरू की थी।

इसी तरह प्रदेश में जब किसानों को यूरिया की आवश्यकता थी तो समय रहते भाजपा सरकार ने प्रदेश के लिए यूरिया नहीं मंगवाया था और दो महीने तक किसानों को लगातार यूरिया के लिए संघर्ष करना पड़ा था जो अब भी जारी है। ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा सरकार जानबूझकर की ख़रीद और खाद उपलब्धता जैसे विषयों में देरी कर देती है और फिर इससे किसानों को जो परेशानी होती है, उससे कालाबाज़ारी और बिचौलियों को परोक्ष रूप से फ़ायदा पहुँचाती है।

कमलनाथ ने लिखा है कि वो मध्य प्रदेश सरकार से आग्रह करते हैं कि तय समय पर सोयाबीन ख़रीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाए और निश्चित समय पर MSP पर सोयाबीन की ख़रीद सुनिश्चित की जाए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.