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मथुरा का आंगनबाड़ी केंद्र बना ‘कुश्ती अखाड़ा’, महिला टीचर और सहायिका में जमकर चले लात-घूंसे

उत्तर प्रदेश के मथुका स्थित एक आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका और शिक्षिका के बीच ‘दंगल’ देखने को मिला. मामला छाता तहसील का है. आंगनबाड़ी सहायिका और टीचर के बीच जमकर लात घूंसे चले. एक-दूसरे को पीटते हुए दोनों जमीन पर गिर पड़ीं लेकिन मारपीट जारी रही. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है.

बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारी को इसकी जांच सौंपी गई है. छाता के गांव बहरावली स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. बुधवार को यहां किसी बात को लेकर प्रभारी प्रधान अध्यापिका और आंगनबाड़ी की महिला कार्यकर्ता के मध्य मारपीट हो गई. बताया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लघुशंका के बाद प्रधानाध्यापिका की पानी की बोतल से हाथ धो लिए. यह देख प्रथानाध्यापिका गुस्सा हो गईं.

बच्चे घबरा गए, रोने लगे

दोनों में कहासुनी होने लगी, उसके बाद मारपीट शुरू हो गई. स्कूल के बच्चे यह देख घबरा उठे. दोनों के बीच गाली गलौज भी हुआ. यह देख कई बच्चे रोने भी लग पड़े. मामला यहीं नहीं निपटा. गाली-गलौज के बीच शिक्षिका ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता में थप्पड़ जड़ दिया. देखते ही देखते दोनों एक दूसरे के बाल पकड़ जमीन पर गुत्थमगुत्था हो गईं. लात-घूंसे चलने लगे. अपनी मां को पिटता देख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का एक बच्चा भी आ गया, जो शिक्षिका से भिड़ गया.

लोगों मे लड़ाई करवाई शांत

लड़ाई देख बच्चों में चीख-पुकार मच गई. बच्चे रोने लगे. बड़ी मुश्किल से वहां मौजूद लोगों ने दोनों को अलग किया. लड़ाई बंद होते ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बेहोश हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. यहां उनका इलाज चल रहा है. विद्यालय परिसर में आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित होता है. खंड शिक्षाधिकारी छाता को मामले की जांच सौंपी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी. प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापिका की गलती प्रतीक हो रही है. देखना होगा कि आगे मामले में क्या एक्शन लिया जाता है.

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