Logo
ब्रेकिंग
बैतूल जिला बना भूकंप का केंद्र, मुलताई और पांढुर्णा में महसूस हुए तेज झटके बैतूल मोहदा के खेरा में बड़ा हादसा: श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 25 घायल, एक बुजुर्ग की ... बैतूल के बर्राढाना गांव में भीषण आग: 15 से अधिक मकान जले, 90% गांव तबाह पांचवीं,आठवीं फेल के लिए राहत की खबर,1 जून से होगी परीक्षा लल्ली और शिवाजी चौक को बड़े शहरों की तरह बनाए।कलेक्टर ने प्रस्ताव बनाने को कहा बेजुबान के लिए इंसानियत: झुलसे बंदर को युवकों ने गोद में बैठाकर 35 किमी दूर पहुंचाया अस्पताल बैतूल के छात्रों का कमाल: गुंजन देशमुख 10वीं में 5वें स्थान पर, ऋतुजा देशपांडे 12वीं गणित में 7वीं र... बैतूल: शराब दुकानों के टेंडर में लापरवाही, जिला आबकारी अधिकारी अंशुमन सिंह चिढ़ार निलंबित बैतूल जिले की नगरपालिकाओं में एल्डरमैन नियुक्त VIDEO :Fire 🔥 on highway बैतूल भोपाल हाइवे पर ट्राला पलटा,लगी आग
Header Ad

बीड में महिला वकील की पिटाई, ग्राम प्रधान ने लाठी-डंडों और पाइप से मारा; हो गई बेहोश

महाराष्ट्र के बीड जिले में सेशन कोर्ट की एक महिला वकील पर हुए जानलेवा हमले पर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने जांच का आदेश दिया है. ग्राम प्रधान सहित 10 लोगों ने इस महिला वकील को बेहोश होने तक लाठी डंडों और पाइप से पीटा. जिसके बाद महिला वकील गंभीर रुप से घायल हो गई. उसके सिर, हाथ और कान में गंभीर चोटें आई हैं. घायल महिली को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.

बीड जिले के अंबाजोगाई सत्र न्यायालय में वकालत करने वाली एक महिला को गांव के सरपंच और उसके कार्यकर्ताओं ने खेत में घेरकर लाठी और पाइप से बेरहमी से पीटा. बताया जा रहा है कि महिला ने गांव में ध्वनि प्रदूषण के कारण माइग्रेन की समस्या होने की शिकायत की थी. उसने प्रशासन से लाउडस्पीकर की आवाज कम करने और उसके घर के सामने लगी आटा चक्कियों को हटाने की मांग की थी. इन शिकायतों के बाद महिला पर यह हमला हुआ.

7 लोगों पर लगा आरोप

हमले में महिला बेहोश हो गई थी. उसे अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन मात्र एक रात इलाज के बाद उसे घर भेज दिया गया. इस अमानवीय हमले में महिला वकील के पीठ, हाथ, सर और कान के हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और 7 लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. वहीं महिला पर हुए हमले के बाद कई सवाल उठ रहे हैं.

उठ रहे कई सवाल

अब सवाल यह उठता है कि क्या किसी महिला, वह भी एक वकील, पर सरपंच और उसके करीबी 10 साथियों द्वारा हमला करना न्यायोचित है? अगर सरपंच खुद ही कानून को हाथ में ले रहा है, तो गांव का प्रशासनिक संचालन कैसा होगा? यह भी जानना जरूरी है कि यह सरपंच किस राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है?

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.