
मानसा: जिला मजिस्ट्रेट कुलवंत सिंह (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए जिला मानसा में मैरिज पैलेस में लाइसेंसी हथियार लेकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश में उन्होंने कहा कि शादियों के मौके पर कुछ लोग अपने लाइसेंसी हथियार साथ लाते हैं और कार्यक्रमों में शराब आदि पीकर, कभी-कभी दूसरों से हथियार छीनकर स्टेज पर भांगड़ा करते समय फायरिंग कर देते हैं। यह मैरिज पैलेस में मौजूद लोगों की जान के लिए खतरा बन जाता है। ऐसी घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि मैरिज पैलेस में हथियार लाने पर रोक के बोर्ड लगे होते हैं, लेकिन उन पर कोई अमल नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए कोई भी व्यक्ति मैरिज पैलेस में लाइसेंसी हथियार लेकर न आए, ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। यह आदेश 30 सितंबर 2025 तक लागू रहेंगे।
अनधिकृत ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों पर भी रोक
जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 163 के तहत अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिले में अनधिकृत ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों पर भी पूर्ण पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि मैरिज पैलेस, धार्मिक स्थलों और आम जनता द्वारा आयोजित सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर, ऑर्केस्ट्रा और अन्य तेज आवाज वाले उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे आम लोगों, मानसिक रोगियों और बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
उन्होंने बताया कि पंजाब इंस्ट्रूमेंट (कंट्रोल ऑफ नॉइज़) एक्ट 1956 के अनुसार कोई भी व्यक्ति बिना पूर्व अनुमति लाउडस्पीकर या ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। जो भी मैरिज पैलेस, होटल, रेस्टोरेंट या सार्वजनिक स्थल पर लाउडस्पीकर लगाना चाहेगा, उसे संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से अनुमति लेनी होगी, लेकिन यह अनुमति इस तरह नहीं होगी कि आम जनता की शांति भंग हो। इसलिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर या ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश भी 30 सितंबर 2025 तक लागू रहेंगे।

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