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चीता ‘ज्वाला’ की गजब की चाल, कूनो का जंगल छोड़ पहुंची रणथंभौर; तय किया 100KM का सफर

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता ‘ज्वाला बीते दिनों नए क्षेत्र की तलाश में जंगल पार कर राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व तक जा पहुंची. टाइगरों के क्षेत्र में पहुंचने से उसकी जान पर बन आई, लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी से उसे महज 7 घंटे में सुरक्षित कूनो वापस लाया गया. रेडियो कॉलर की मदद से ज्वाला की लोकेशन ट्रेस की गई. मंगलवार को सवाई माधोपुर में उसे बेहोश कर वाहन से सुरक्षित कूनो लाया गया.

चीता ज्वाला रविवार को मानपुर और काशीपुर गांवों के पास सड़क पर देखी गई थी. फिर रामेश्वर संगम, फतेहपुर और चंबल होते हुए करीरा गांव (राजस्थान) पहुंची, जहां उसने दो बकरियों का शिकार किया. रणथंभौर की सीमा में उसकी मौजूदगी से वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि वहां बाघों से आमना-सामना जानलेवा साबित हो सकता था. सुरक्षा कैमरे और रेडियो कॉलर से निगरानी करते हुए कूनो और राजस्थान की संयुक्त टीम ने अलर्ट रहते हुए ऑपरेशन को अंजाम दिया.

नया क्षेत्र की तलाश में थी ज्वाला चीता

मादा चीता ज्वाला इन दिनों नए क्षेत्र की तलाश में सक्रिय देखी जा रही है. वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जंगली जानवर अक्सर शिकार की उपलब्धता और अनुकूल वातावरण के लिए अपने पुराने क्षेत्र से निकलकर नए इलाकों की ओर रुख करते हैं. इससे पहले भी ज्वाला वीरपुर कस्बे में भी तीन से चार दिन तक विचरण कर चुकी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह लगातार अपना नया क्षेत्र तलाश रही है.

मादा चीता और उसके शावक का रेस्क्यू किया गया

ज्वाला के साथ ही उसका शावक भी कूनो जंगल से बाहर घूम रहे थे, सोमवार की रात ज्वाला अपने शावक से बिछड़कर 100 किलोमीटर की दूरी तय कर राजस्थान के रणथंभौर सेंचुरी में पहुंच गई, वहीं शावक मानपुर क्षेत्र में देखा गया. जिन्हें कूनो प्रबंधन ने ट्रेंकुलाइज कर मां के साथ कूनो के खुले जंगल में छोड़ दिया है. कूनो के सीसीएफ उत्तम कुमार ने बताया कि रणथंभौर के पास से मादा चीता ज्वाला और मानपुर के पास से उसके शावक का सफल रेस्क्यू कर दोनों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ दिया गया है.

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