Logo
ब्रेकिंग
बैतूल: एक ही रात में पांच मंदिरों में चोरी से सनसनी, घरों के दरवाजे बाहर से लॉक कर वारदात; सीसीटीवी ... बेटी को देखकर लौट रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, साथी गंभीर; खेड़ी के पास अज्ञात ट्रक ने आल्टो को ... 15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा
Header Ad

उमंग सिंघार ने निभाया वादा, नवरात्रि के पहले बुजुर्ग कलाबाई को भेजा राशन और साड़ी

सागर : मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर मिसाल कायम करते हुए सागर जिले की खुरई की रहने वाली बुजुर्ग महिला कलाबाई की नवरात्रि यादगार बना दी। नेता प्रतिपक्ष ने अपने वादे के मुताबिक आज अंशुल सिंह के माध्यम से वृद्ध कलाबाई के घर पूरे महीने का राशन पहुंचाया, साथ ही नवरात्रि के लिए साड़ी और चप्पल भी भेंट की।

दरअसल उमंग सिंघार पिछले महीने सागर जिले के दौरे पर थे। वहां एक कार्यक्रम के दौरान खुरई की एक वृद्ध महिला कलाबाई ने उमंग सिंघार के सामने रोते हुए अपना दुख व्यक्त किया और आर्थिक हालात खराब होने की बात कही थी। कलाबाई का कोई आगे-पीछे नहीं है। कार्यक्रम के दौरान जैसे ही उमंग सिंघार ने माताजी की व्यथा सुनी, तो उन्हें मां की तरह अपना लिया और उनके अनाज और राशन का खर्च उठाने का वादा किया। इसी वादे के मुताबिक आज नेता प्रतिपक्ष ने माताजी को राशन और कपड़े भेजकर मदद की।

इस अवसर पर कलाबाई भी बेहद खुश नजर आईं और उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को धन्यवाद दिया। माताजी को आगे भी इसी तरह की मदद करने साथ ही अन्य जरूरत की पूर्ति करने की बात भी कही गयी।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम विपक्ष में बैठकर जनता के आंसू पोंछ रहे हैं मगर सरकार 20 साल से सत्ता में बैठी है फिर भी जनता की आंखों में आंसू है। उन्होंने कहा राशन नहीं, एक वादा था जिसे पूरा करना मेरी जिम्मेदारी थी! खुरई में मां कलाबाई को मदद का वादा किया था इसलिए इस महीने न केवल राशन भेजा, बल्कि उनके लिए चप्पल और नवरात्रि के लिए साड़ी भी भेजी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.