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इस डिवाइस को लगाते ही रॉकेट बन जाएगा 5G इंटरनेट, IIIT-बेंगलुरु ने किया कमाल

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मोबाइल नेटवर्क की सबसे बड़ी समस्या कवरेज गैप्स और सिग्नल ड्रॉप की है. अब इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी बेंगलुरु (IIIT-B) ने Reconfigurable Intelligent Surfaces (RIS) यानी स्मार्ट पैनल विकसित किए हैं. ये पैनल दीवारों या पोल पर लगाकर नेटवर्क सिग्नल को रीडायरेक्ट या फोकस कर सकते हैं, जिससे इंटरनेट स्पीड बढ़ेगी और कॉल ड्रॉप कम होंगे. खास बात यह है कि इन्हें मौजूदा 5G नेटवर्क में बिना बड़े बदलाव के आसानी से जोड़ा जा सकता है.

प्लग-एंड-प्ले सॉल्यूशन

RIS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इन्हें मौजूदा 5G-Advanced नेटवर्क में आसानी से प्लग-एंड-प्ले की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. यानी बिना नए टावर लगाए कवरेज को बेहतर किया जा सकता है. वहीं 6G नेटवर्क में इन्हें सीधे डिजाइन का हिस्सा बनाया जा सकता है, जिससे बीम मैनेजमेंट और परफॉर्मेंस और स्मार्ट हो जाएगी. इससे कंपनियों को कम टावर लगाने होंगे और लागत व ऊर्जा दोनों की बचत होगी.

रिसर्च और टेक्नोलॉजी डिजाइन

IIIT-B की टीम ने जो पैनल बनाया है, वह 3.5 GHz फ्रीक्वेंसी पर काम करता है, जो 5G के लिए अहम बैंड है. इसमें 16×16 ग्रिड में 256 यूनिट्स हैं, जिन्हें 1-बिट PIN डायोड कंट्रोल करता है. ये छोटे-छोटे स्विच सिग्नल की दिशा तय करते हैं, जिससे नेटवर्क कवरेज और मजबूत होती है. साथ ही यह तकनीक अनवांटेड सिग्नल को ब्लॉक करके इंटरफेरेंस कम करती है.

RIS टेक्नोलॉजी के सामने अभी चुनौतियां भी हैं. जैसे, तेज गति से चल रहे यूजर्स (कार, ट्रेन, ड्रोन) के लिए यह तुरंत सिग्नल एडजस्ट करने में दिक्कत कर सकती है. इसे हल करने के लिए AI-आधारित प्रेडिक्टिव बीमफॉर्मिंग और रियल-टाइम सिग्नल एडजस्टमेंट पर काम हो रहा है. IIIT-B की टीम आगे सॉफ्टवेयर-डिफाइंड RIS और मल्टी-पैनल टेस्टिंग पर रिसर्च कर रही है, जिससे आने वाले समय में 5G और 6G दोनों और बेहतर हो सकेंगे.

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