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अयोध्या में ‘रहस्यमय’ डबल ब्लास्ट: एक साल पहले बीवी की मौत, अब साली के साथ लिव-इन में रहे पति की भी धमाके में मौत

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मां, पति-पत्नी, दो बेटे, बेटी और साली…ये अब इस दुनिया में नहीं हैं. डेढ़ साल में एक परिवार पूरी तरह तबाह हो गया है. ये दर्दनाक कहानी अयोध्या के पगलाभारी गांव की है. यहां एक मकान में गुरुवार को सिलिंडर ब्लास्ट हो गया और यहां रहने वाले रामकुमार गुप्ता का पूरा परिवार खत्म हो गया. हादसे में रामकुमार, उनके 2 बेटे लव (8) और यश, बेटी इशी और साली वंदना की मौत हो गई. अब यहां मातमी सन्नाटा पसरा है.

9 अक्टूबर की रात साढ़े सात बजे पगलाभारी गांव के एक मकान में सिलिंडर ब्लास्ट कर गया. गांववालों के मुताबिक, धमाकों की गूंज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. दौड़े-दौड़े लोग वहां पहुंचे तो देखा कि पूरा मकान मलबे में तब्दील हो गया है. चारों ओर धुएं का गुबार है. मलबे से आग की लपटें उठती दिखाई दीं.

अप्रैल 2024 में भी हुआ था ब्लास्ट

गांववालों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है. अप्रैल 2024 में भी इसी परिवार के पुराने मकान में सिलिंडर ब्लास्ट हुआ था, जिसमें रामकुमार की मां और पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई थीं और बाद में उनकी भी मौत हो गई थी. उस समय गांव की एक लड़की की भी मलबे में दबकर जान चली गई थी.

साली के साथ लिव-इन में रह रहा था

पत्नी की मौत के बाद रामकुमार अपनी साली के साथ लिव-इन में रह रहा था. उसने नया मकान भी बनवा लिया था. लेकिन इसी मकान में गुरुवार को ब्लास्ट हो गया. जिन पांच लोगों की मौत हुई, उनमें रामकुमार और साली वंदना भी शामिल थे.

पटाखों का कारोबार

स्थानीय लोग बताते हैं कि रामकुमार का अवैध पटाखों का कारोबार था. हादसे के बाद रामकुमार ने गांव छोड़कर मधुपुर मार्ग पर नया मकान बनवाया और वहीं अपने परिवार के साथ रह रहा था. हालांकि, इस बार भी उसी तरह का सिलिंडर ब्लास्ट हुआ. हालांकि, ग्रामीण अब भी दबी जुबान में इसे पटाखों से जुड़े हादसे के रूप में देख रहे हैं.

क्या बोले डीएम?

डीएम निखिल टीकाराम फुंटेस ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही तुरंत पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और विस्फोट के कारणों की जांच जारी है. प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि धमाका किचन एरिया में हुआ होगा, क्योंकि वहां बर्तन पूरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए हैं. हालांकि,यह केवल प्रारंभिक अनुमान है और वास्तविक कारण का पता फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा.

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