Logo
ब्रेकिंग
कोठीबाजार में अतिक्रमण हटाओ मुहिम की आशंका से हड़कंप, SDM ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण पत्नी ने साथ चलने किया इंकार,पति ने लगा ली फांसी,विवाद के कारण 24 घंटे बाद हुआ पीएम 57 CSC सेंटरों पर कार्रवाई,ID की ब्लॉक बरेठा में ट्राले ने तीन कारों, बाइक सवारों को कुचला, पुलिस ASI की पत्नी की मौत इंदौर में सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती दीपाली डागा को मिला रवींद्रनाथ टैगोर नेशनल ... जिला अस्पताल को बड़ा झटका — डॉक्टर आनंद मालवीय ने 15 साल की सेवा के बाद दिया इस्तीफा मुलताई रेलवे स्टेशन पर ईमानदारी की मिसाल: जमात के लोगों की मदत से मिला सीमा का बैग कांग्रेस की पांच सदस्यीय जिला अनुशासन समिति गठित, पार्टीविरोधी गतिविधियों पर तत्काल होगी कार्रवाई 48 जिलों में फर्जी हाजिरी का फंडा — बैतूल के 5 डॉक्टर्स के भी सार्थक ऐप घोटाले में शामिल होने का आरो... टीचिंग में टेक्नोलॉजी के बेहतरीन उपयोग पर सतपुड़ा वैली को एल्ड्रोक इंडिया के-12 का राष्ट्रीय सम्मान
Header Ad

पंजाब वासियों के लिए खतरे की घंटी! इस रास्ते से गुजर रहें हैं तो हो जाएं Alert

आनंदपुर साहिबः पंजाब के लोगों के लिए जरूरी खबर है। दरअसल, खालसे की जन्म भूमि श्री आनंदपुर साहिब और सनातन धर्म के प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री माता नैना देवी जैसे आस्था भरपूर स्थानों को दोआबा और माझे से जोड़ने वाला महज एक ही मार्ग श्री आनंदपुर साहिब-टू- गढ़शंकर ही है। इस मार्ग पर कसबा श्री आनंदपुर साहिब से करीब 7 कि.मी. पीछे पंजाब का सबसे बड़ा पुल सतलुज दरिया और सुआं नदी पर स्थित है।

सुआं नदी और सतलुज का संगम होने के कारण इस स्थान को दुमेल का पतन करके भी जाना जाता है। इस पतन पर बने राज्य के सबसे लंबे पुल की लंबाई 1006 मीटर (1 कि.मी.) और चौड़ाई 10 मीटर है। चार दशकों से मौजूद इस लंबे पुल के नीचे 70-70 फीट गहरे 21 कुएं लगे हुए हैं। एकसमय में इन कुओं का स्तर ज़मीन के स्तर के बराबर था और सतलुज और सुआं नदियां इनसे कई गज की दूरी पर बहती थीं लेकिन माइनिंग माफिया के कारण 50 से 80 फीट तक की गहराई तक यहां रेत, बजरी और पत्थर, आधुनिक मशीनों से उठाकर इसका स्तर पुल नीचे खुईयों के बुनियादी तल तक लाया गया है।

कई कुओं के नीचे की ज़मीन गहरी क्षारीयता के कारण कट गई है और ये कुएं ज़मीन के स्तर से ऊंचे दिखाई देते हैं। विभागीय नियमों के मुताबिक किसी भी पुल या तटबंध से खुदाई करना अवैध माना जाता है, लेकिन खनन माफियाओं के आगे सारी कानूनी प्रक्रिया दम तोड़ चुकी है। इस पुल के आसपास और नीचे बड़े पैमाने पर अवैध खनन ने न केवल सतलुज नदी और सुआं नदी को करूप कर दिया है, बल्कि क्षेत्र के लोगों के बड़े संघर्ष के बाद अस्तित्व में आया यह पुल भी टूटने की कगार पर है। ऐसे में यहां से गुजर रहे लोगों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.