
लुधियाना: लुधियाना के बस स्टैंड में फाजिल्का से चंडीगढ़ जाने वाली पंजाब रोडवेज के बस कंडक्टर को प्रवासी यात्रियों की मदद करना महंगा पड़ गया। फाजिल्का से चंडीगढ़ जाने वाली बस में कुछ सवारियां जोकि बरेली जाना चाहती थी, लाचारी में एक बस ड्राइवर की मदद लेकर बस में चढ़ी। कंडक्टर ने अपनी दयालुता दिखाते हुए उन्हें अपनी बस में सवार किया और उन्हें लुधियाना से बरेली जाने के लिए दूसरी बस में चढ़ाने की ज़ुबान दी। कंडक्टर ने यात्रियों को बताया कि वह सिर्फ़ लुधियाना तक जाएगा और उनकी मदद स्वरूप उन्हें दूसरी बस में चढ़ा देगा। जैसे ही कंडक्टर लुधियाना बस स्टैंड में पहुँचा, उसने यात्रियों को दूसरी बस या फिर ट्रेन में चढ़ने की सलाह दी। इस दौरान जब वह बस स्टैंड परिसर से बाहर निकला तो वहाँ पर प्राइवेट बस करिंदे मौजूद थे। उन्होंने कंडक्टर के साथ बेरूखी से वार्तालाप करते हुए कहा कि वह यात्रियों को उनकी बस में चढ़ा दें तो कंडक्टर ने उन्हें कहा कि वह किसी मासूम को गुमराह नहीं करना चाहता क्योंकि उनकी बस दिल्ली जाने वाली थी और सवारियों को बरेली जाना था।
कंडक्टर द्वारा प्राइवेट बस चालकों की बात को ना मानने के कारण वह मारपीट पर उतर आए। जैसे ही उन्होने कंडक्टर का हाथ पकड़ा तो कंडक्टर ने उन्हें अपना हाथ पीछे करने के लिए कहा तो यह बातचीत गरमागरमी के माहौल में बदल गई। कुछ मिनटों में ही 4-5 लोग उस कंडक्टर के ऊपर टूट पड़े जैसे मर्ज़ी वह कंडक्टर अपनी जान बचाकर बस स्टैंड परिसर के अंदर भागा। वहाँ से उसने शोर मचा अपने साथ संगी इकट्ठे किए। जब यह सारी बातचीत के बारे में प्रशासन को बताया गया और रात को मेडिकल करवा शिकायत पुलिस चौकी में करवाई गई तो उसके चलते देर रात होने के कारण पुलिस वालों ने कुछ किया और न ही प्रशासन ने इनकी बात पर ध्यान दिया। जिस कारण रोष प्रदर्शन करते हुए पौने घंटे के लिए बस स्टैंड परिसर को बंद रखा गया जिसके चलते पुलिस कर्मचारियों ने आकर दोनों धीरों को इकट्ठा कर उनका राजीनामा करवाया।

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