
पाकिस्तान की युद्ध क्षमताओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के पास उच्च तीव्रता वाले युद्ध के लिए केवल चार दिन का तोपखाना गोला-बारूद बचा है. यूक्रेन और इज़राइल को किए गए हालिया हथियार निर्यात सौदों के बाद पाकिस्तान के भंडार लगभग खाली हो चुके हैं, जिससे पड़ोसी देश की रक्षा तैयारियां कमजोर पड़ गई हैं.
पाकिस्तान की सेना मुख्य रूप से M109 हॉवित्जर, BM-21 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और हाल ही में शामिल किए गए SH-15 माउंटेड गन सिस्टम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर करती है. लेकिन सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि इनके लिए पर्याप्त गोला-बारूद उपलब्ध नहीं है. नई तोपें SH-15 के लिए गोला-बारूद नहीं बचा. अब हालत ये है कि पाकिस्तान के पास सिर्फ चार दिन के युद्ध का सामान है.

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