Logo
ब्रेकिंग
बैतूल: एक ही रात में पांच मंदिरों में चोरी से सनसनी, घरों के दरवाजे बाहर से लॉक कर वारदात; सीसीटीवी ... बेटी को देखकर लौट रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, साथी गंभीर; खेड़ी के पास अज्ञात ट्रक ने आल्टो को ... 15 दिन तक कुएं में फंसा रहा खतरनाक रसेल वाइपर, कैरेट के सहारे हुआ सफल रेस्क्यू एनसीसी बॉयज़ भर्ती में 49 कैडेट चयनित, फिजिकल और लिखित परीक्षा के बाद बनी मेरिट 40 अपराधों वाले हिस्ट्रीशीटर भीम पर ₹10 हजार का इनाम, पुलिस ने तेज की तलाश,पेट्रोल पंप काण्ड में भी ... रात की बारिश में खोलने पड़े सतपुड़ा के 7 गेट, झरने बह निकले बारिश में ढही दीवार ,दबने से मजदूर की मौत ।बैतूल में 93.4 mm बारिश घर में सो रहा था मासूम,जाने क्या हुआ चली गई जान? नजर आया था जहरीला सांप पर काटने के निशान नहीं मिले 5 लाख की चोरी का दूसरा आरोपी भी दबोचा, ₹10 हजार का इनामी निकला आदतन नकबजन लल्ली चौक का बदलेगा लुक, लगेगा क्लॉक टावर, नगर पालिका बिल्डिंग का पुराना स्वरूप संवरेगा
Header Ad

गोपनीय सर्वेक्षण में MP में नीमच जिला प्रथम, बेहतर पुलिसिंग को लेकर हुआ था सर्वे

नीमच। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग द्वारा बेहतर पुलिसिंग को लेकर हुए गोपनीय सर्वे के नतीजे शुक्रवार को जारी हुए। इसमें पूरे मध्यप्रदेश में नीमच जिले ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नीमच को 66.97 प्रतिशत अंक मिले है वहीं दूसरे नंबर पर भिंड जिला है, जिसे 64.95 अंक मिले है। नीमच की इस उपलिब्ध को लेकर पुलिस महकमें में उत्साह देखा जा रहा है।

नीमच पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल ने पहले पायदान पर आने पर नीमच पुलिस विभाग के स्टाफ का अनुकरणीय सहयोग बताया है। इस सर्वेक्षण में आम जनता से सीधे उनकी राय ली गई, जिसमें उन्होंने पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल और उनकी समर्पित टीम द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट पुलिसिंग की खुलकर प्रशंसा की। नागरिकों ने विशेष रूप से अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और त्वरित प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में पुलिस के प्रयासों को सराहा।

 उक्त गोपनीय सर्वेक्षण में 11 बिन्दुओं – पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनता से व्यवहार, प्रथम सूचना रिपोर्ट को विलम्ब से लेख करना अथवा सही धाराओं में न लेख किया जाना, चरित्र सत्यापन में विलंब, झूठा अपराध पंजीबद्व करना अथवा प्रकरण में गलत व्यक्ति को आरोपी बनाया जाना, पुलिस द्वारा अकारण मारपीट करना अथवा परेषान करना, पुलिस द्वारा बच्चों, महिलाओं के गुम होने, घरेलु हिंसा, पॉक्सों एक्ट से संबंधित प्रकरण दर्ज करने में विलम्ब करना, यातायात पुलिस द्वारा शिकायत पर समय से कार्यवाही न करना, माननीय न्यायालय में प्रकरण विलम्ब से प्रस्तुत करना, पुलिस द्वारा किसी पक्ष से मिलकर दबाव में सही कार्यवाही न किया जाना, ऑनलाईन सेवा समय से प्रदाय किया जाना एवं पासपोर्ट सत्यापन में विलम्ब पर आमजन के मध्य गोपनीय सर्वेक्षण कराया गया था।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.