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कानपुर: घर के साथ स्कूल, कॉलेज, होटल और अस्पताल…550 बीघा जमीन पर केडीए की आवासीय योजना; क्या होगा खास?

कानपुर साउथ को विकसित करने के उद्देश्य से कानपुर विकास प्राधिकरण की उचटी योजना लोगों को आवास के साथ अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी. केडीए 550 बीघा जमीन पर आवासीय योजना लाने जा रहा है. इस प्रस्ताव को केडीए की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है. सबसे खास बात यह है कि इस योजना के तहत भूखंडों के अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल आदि का भी निर्माण कराया जाएगा. केडीए पीपीपी मॉडल के तहत इस योजना को विकसित करेगा.

कानपुर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है कानपुर साउथ में विकसित की जाने वाली उचटी योजना. केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि कुल 550 बीघा जमीन में इस योजना को विकसित किया जाएगा. इसमें से तकरीबन 27 हेक्टेयर जमीन ग्राम समाज की है और आसपास के किसानों की जमीन लैंड पूलिंग के माध्यम से विकसित की जाएगी.

उचटी योजना को केडीए बोर्ड से मिली मंजूरी

किसानों के अलावा निजी संपत्ति मालिकों से भी बात की जा रही है, जिसमें से तकरीबन 40 प्रतिशत लोगों ने अपनी मंजूरी दे दी है. इसके आसपास की जमीनों के लिए किसानों से सहयोग लिया जा रहा है. केडीए वीसी ने बताया कि इस योजना को विकसित करने के लिए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है और इसको पीपीपी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा. प्राइवेट डेवलपर को इस योजना में शामिल किया जाएगा.

क्या होती है लैंड पूलिंग?

उन्होंने बताया कि इस योजना में भूखंड के अलावा स्कूल, कॉलेज, होटल, अस्पताल, पार्क, शॉपिंग मॉल, दुकानों का भी निर्माण कराया जाएगा. लैंड पूलिंग एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसके तहत अलग-अलग मालिकों की जमीनों को लेकर उसका पुनर्विकास किया जाता है. इस प्रक्रिया में जमीन मालिकों को कुछ मानदंडों के आधार पर जमीन वापस कर दी जाती है. इसको भी जमीन अधिग्रहण का एक तरीका कहते है. इसके तहत केडीए 25 प्रतिशत जमीन किसानों को विकसित कर के देगा. इसके बदले में किसानों को किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिलेगा.

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