
जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना, फसल पर संकट के बादल 12 दिन बाद फिर बरस सकते हैं बादल, अब तक औसतन 1007.6 मिमी वर्षा दर्ज
बैतूल। जिले में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने लगा है। नया पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिणी भागों में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण अगले 24 घंटे के भीतर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार यह प्रणाली मध्य प्रदेश के दक्षिणी इलाकों पर प्रभाव डाल रही है, जिसके चलते बैतूल सहित आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।

जिले में आखिरी बार 6 अक्टूबर को लगभग दो इंच बारिश दर्ज की गई थी। उसके बाद से मौसम शुष्क बना हुआ था। यानी करीब 12 दिन बाद फिर से बादल बरसने के आसार बन रहे हैं।
भू-अभिलेख कार्यालय से मिली वर्षा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष अब तक जिले में औसतन 1007.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 1061.2 मिमी बारिश हुई थी।
सबसे अधिक वर्षा भैंसदेही क्षेत्र में 1478 मिमी, जबकि सबसे कम आठनेर में 749.2 मिमी दर्ज की गई है। जिले का सामान्य औसत 1083.9 मिमी है, जिसके मुकाबले अब तक थोड़ी कम बारिश हुई है।

तालुका-वार वर्षा स्थिति:
बैतूल – 807.2 मिमी
घोघरगांव – 1219.0 मिमी
चिचोली – 1091.6 मिमी
शाहपुर – 1008.6 मिमी
मुलताई – 994.5 मिमी
प्रभात पट्टन – 934.5 मिमी
आमला – 821.0 मिमी
भैंसदेही – 1478.0 मिमी
आठनेर – 749.2 मिमी
बैतूल बाजार – 975.2 मिमी
शुक्रवार शाम को जिले के प्रभात पट्टन क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई, जिससे खेतों में कटी पड़ी सोयाबीन की फसल भीग गई। किसानों के लिए यह बारिश राहत से ज्यादा चिंता लेकर आई है। इस समय जिले में खरीफ फसलों की कटाई जोरों पर है, और अचानक बारिश से फसल के दानों में अंकुरण व गुणवत्ता पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले दो से तीन दिनों तक जिले में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश तथा गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और जिन खेतों में कटाई बाकी है, वहां जल्द कटाई पूरी करें ताकि नुकसान से बचा जा सके।
