
बैतूल। जेएच कॉलेज बैतूल में हुए करीब 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपए के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने सहायक ग्रेड-2 प्रकाश बंजारे को पकड़ा है। इससे पहले चार महीने पहले मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेश डहेरिया और तीन महीने पहले सहायक ग्रेड-3 रिंकू पाटिल को गिरफ्तार किया जा चुका है।
मामला अगस्त–सितंबर 2024 में महालेखाकार ग्वालियर द्वारा की गई ऑडिट जांच से सामने आया था। जांच में “गांव की बेटी योजना” से संबंधित छात्रवृत्ति वितरण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी पाई गई थी। इस पर तत्कालीन प्राचार्य एवं इतिहास विभाग की प्राध्यापक विजेता चौबे ने 17 दिसंबर 2024 को थाना गंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया कि दीपेश डहेरिया, प्रकाश बंजारे और रिंकू पाटिल ने मिलकर कूटरचित दस्तावेज और फर्जी बिल तैयार कर छात्रवृत्ति की राशि संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर की। शासकीय सेवक होते हुए इन पर गबन और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे।
इस प्रकरण में पुलिस ने अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120-बी भादवि और धारा 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि आरोपी बनाए गए पूर्व प्राचार्य विजेता चौबे और राकेश तिवारी अब रिटायर हो चुके हैं, जिनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि “मामले में दो आरोपी शेष हैं और जांच के आधार पर भविष्य में और भी लोगों को आरोपी बनाया जा सकता है।”
खास बात यह है कि आरोपियों ने सरकारी रकम 95 बैंक एकाउंट में भेजी थी।सभी खाते उनके परिचित और रिश्तेदारों के थे। इनमें 3240 बार ट्रांजिक्शन किया गया था।
