बैतूल। बैतूल मंडी में अब अनाज की तौल प्रक्रिया के दौरान महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। यही नहीं, मंडी परिसर में पुलिस गश्त बढ़ाने, नीलामी से पहले अनाउंसमेंट करने और किसानों की लाई गई उपज की नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने जैसे कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। ये निर्णय गुरुवार को मंडी सभाकक्ष में हुई बैठक में लिए गए, जिसकी अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डॉ. अभिजीत सिंह ने की। बैठक में मंडी के अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में तय किया गया कि मक्का की उपज यदि किसान वाहन या ट्रॉली में खुले रूप में लाते हैं, तो उसकी नीलामी को प्राथमिकता दी जाएगी और पहले बड़े तौल कांटे पर तुलवाई होगी। नीलामी और तौल के दौरान ही सफाई के लिए महिलाओं को प्रवेश मिलेगा, इससे पहले प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मंडी परिसर में सभी सीसीटीवी कैमरे चालू रखे जाएंगे और रात में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। बड़े तौल कांटे की दरें तय करने और नीलामी व्यवस्था को सख्ती से समयबद्ध करने का भी निर्णय हुआ।
सोयाबीन की नीलामी सुबह 9:30 बजे सांकेतिक ध्वनि के बाद शुरू होगी, इसके बाद मक्का की नीलामी 10:30 बजे, गेहूं की 11:30 बजे और अन्य अनाजों की 12:30 बजे होगी। दोपहर 1:30 से 2:30 तक भोजन अवकाश रहेगा और नीलामी का अंतिम समय शाम 5 बजे तय किया गया है।
इसके अलावा, प्रांगण में कृषि उपज के वाहनों का आगमन सुबह 10 बजे से अगले दिन सुबह 5 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। हर ढेरी पर अलग-अलग बोली लगाई जाएगी और मंडी द्वारा निर्धारित स्थान से हटकर रखी गई उपज पर नीलामी नहीं की जाएगी।
तौल कांटों की नियमित जांच की जाएगी और तौल समाप्त होने के बाद सभी कांटे मंडी में जमा रहेंगे। अगले दिन तुलैया को कांटे जारी किए जाएंगे। इन सभी फैसलों का उद्देश्य खरीफ सीजन में मंडी संचालन को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।