
भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत अब अपने अंतिम चरण में है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत किसी भी व्यापार समझौते को केवल उसी शर्त पर स्वीकार करेगा जो देश के आर्थिक हित में हो।
उन्होंने साफ कहा — “भारत किसी भी बाहरी दबाव में नहीं झुकेगा, व्यापार में संतुलन और समान अवसर ज़रूरी हैं।”
💬 गोयल का बयान:
“हम किसी भी देश के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत के किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
— पियूष गोयल, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री
🌍 पृष्ठभूमि:
पिछले कुछ महीनों से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लगातार चर्चा चल रही है।
दोनों देशों के बीच कुछ आयात शुल्कों और निवेश नीति पर मतभेद बने हुए थे, लेकिन अब अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।
सूत्रों के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मज़बूत कर सकता है।आठनेर में दिवाली मनाने घर लौट रहे इकलौते बेटे की मौत
⚙️ संभावित प्रभाव:
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🇮🇳 भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाज़ार में नए अवसर मिल सकते हैं।
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🇺🇸 अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में निवेश आसान हो सकता है।
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💼 दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक साझेदारी मज़बूत होगी।
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🌾 कृषि और विनिर्माण क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ मिल सकता
