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बैतूल में स्मार्ट मीटर का विरोध, बिजली विभाग बोला हर घर में लगेंगे। बैतूल में लगे 22 हजार मीटर

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बैतूल में स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली उपभोक्ताओं का विरोध शुक्रवार को सड़क पर नजर आया। बड़ी संख्या में उपभोक्ता ऑडिटोरियम में एकत्रित हुए और यहां से रैली की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में कथित तौर पर हो रही अनियमितता और अचानक बढ़े बिलों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में 16 सूत्री मांगों का ज्ञापन एडीएम अनिता जाट को सौंपा।

 

कलेक्ट्रेट पहुंचने पर उस समय स्थिति कुछ देर के लिए असहज हो गई, जब ज्ञापन लेने पहुंचे बिजली विभाग के साउथ डिवीजन के डीई योगेंद्र चौधरी और तहसीलदार को प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन देने से इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारी कलेक्टर या एडीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर बाद एडीएम अनिता जाट के पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा।

 

### स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिल का मुद्दा

 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक और असामान्य बढ़ोतरी सामने आई है। उनका दावा है कि जिन परिवारों की बिजली खपत और बिल पहले एक निश्चित स्तर पर रहते थे, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनमें अप्रत्याशित वृद्धि दिखाई दे रही है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

 

उपभोक्ताओं ने कहा कि उनका विरोध केवल स्मार्ट मीटर की तकनीक के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे इसकी कार्यप्रणाली, रीडिंग और बिलिंग व्यवस्था में पारदर्शिता चाहते हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटरों की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग भी की है।

 

### 16 सूत्री मांगों में जांच से लेकर बिल में राहत तक

 

ज्ञापन में स्मार्ट मीटर लगने के बाद जिन उपभोक्ताओं के बिलों में असामान्य वृद्धि हुई है, उनकी विशेष जांच कराने की मांग की गई है। पुराने मीटर की अंतिम रीडिंग और स्मार्ट मीटर की शुरुआती रीडिंग का रिकॉर्ड उपभोक्ता को उपलब्ध कराने, मीटर की एक्यूरेसी की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने और जिला स्तर पर स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की मांग भी रखी गई है।

 

उपभोक्ताओं ने पिछले 12 महीनों की बिजली खपत की स्मार्ट मीटर लगने के बाद की खपत से तुलना कर जांच करने की मांग की है। साथ ही विवादित बिलों की शिकायत लंबित रहने तक अतिरिक्त राशि की वसूली और कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।

 

ज्ञापन में स्मार्ट मीटर की रीडिंग, मीटर नंबर, शुरुआती रीडिंग, सील नंबर और स्थापना की जानकारी उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने, दैनिक और घंटेवार बिजली खपत देखने की सुविधा देने तथा स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों के लिए जिला स्तर पर विशेष हेल्प डेस्क बनाने की मांग भी शामिल है।

 

उपभोक्ताओं ने यह भी मांग की है कि जांच में गलत या अतिरिक्त बिल पाए जाने पर वसूली गई राशि को समायोजित या नियमानुसार वापस किया जाए। इसके अलावा स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के निराकरण की समय-सीमा तय करने और लगाए गए मीटरों, प्राप्त शिकायतों तथा उनके निराकरण की स्थिति का सार्वजनिक विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

 

बिजली विभाग बोला- गर्मियों की खपत के कारण बढ़े बिल

 

प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग के साउथ डिवीजन के डीई योगेंद्र चौधरी ने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों की बिंदुवार जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम गर्मियों में शुरू किया गया था। गर्मी के मौसम में बिजली की खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है और उसी खपत के बिल एक महीने बाद जारी हुए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिलों में अचानक बढ़ोतरी महसूस हो रही है।

 

डीई ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम आगे भी जारी रहेगा। उनके मुताबिक बैतूल शहर में करीब 36 हजार बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 22 हजार उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदले जा चुके हैं।

 

बड़ी आंदोलन की चेतावनी

 

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उपभोक्ताओं ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि मीटर और बिलिंग व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।

 

फिलहाल ज्ञापन के बाद मामला विभागीय जांच के भरोसे पर है। आने वाले दिनों में शिकायतों की जांच में क्या सामने आता है और कितने उपभोक्ताओं के बिलों में वास्तविक अनियमितता मिलती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

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