
चंडीगढ़ः राज्य भर के सेवानिवृत टीचिंग फैकल्टी को लाभ पहुंचाने संबंधी अहम फैसला लेते हुए पंजाब सरकार ने 7वें यू.जी.सी. वेतनमान के अनुसार सरकारी कॉलेजो/ विश्वद्यालयों में 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत हुए शिक्षकों और अन्य टीचिंग फैकल्टी के लिए पैंशन और पारिवारिक पैंशन में संशोधन को मंजूरी दी है।
संशोधन 1 जनवरी 2016 ,से लागू होगा और इस संबंध में अधिनूसचना जारी की जा चुकी है। पंजाब के उच्च शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि संशोधित पैंशन का लाभ लगभग 500 सेवानिवृत शिक्षण पेशेवरों को मिलेगा, जिनमें 400 पैंशनर और 100 पारिवारिक पैंशनर शामिल हैं, जिसकी राशि सालाना 38.99 करोड़ रुपए बनेगी। बैंस ने कहा कि संशोधित पैंशन 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पैंशरों को अदा की जाएगी, जबकि 1 अक्तूबर 2022 से जनवरी 2025 तक संशोधित पैंशन के बकाए 4 बराबर तिमाही किस्तों में दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह भुगतान वित्त विभाग के 7 अप्रैल 2025 वाले पत्र में जारी किए गए दिशा-निर्देशों अनुसार किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस स्कीम के तहत पैंशम की गणना 1 जनवरी, 2016 को निर्धारित वेतन के 50 प्रतिशत के रूप में की जाएगी और पारिवारिक पैंशन उसी वेतन का 30 प्रतिशत होगी। बैंस ने कहा कि समाज में शिक्षकों के अनमोल योगदान को ध्यान में रखते हुए हम शिक्षकों की भलाई और उनके अधिकारों का संरक्षण करने के लिए वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार सभी कर्मचारियों और पैंशनरों की भलाई के लिए समर्पित है।

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