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20 साल पुरानी सोसाइटियां टूटेंगी, नए डिजाइन से बनेंगी 600 इमारतें; नोएडा अथॉरिटी की बैठक में हुआ ऐलान

उत्तर प्रदेश के नोएडा में 600 से ज्यादा बहुमंजिला इमारतें तोड़कर नए डिजाइन से बनाई जाएंगी. इनमें से ज्यादातर ऐसी इमारतें हैं, जो 20 साल से ज्यादा पुरानी हैं. ये फैसला बुधवार को नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में पास हुए प्रस्ताव के बाद लिया गया. नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने ऑनलाइन शिरकत की.

नोएडा की जर्जर सोसाइटियों के स्ट्रक्चरल ऑडिट के बाद ही इन बिल्डिंगों को नया किया जाएगा. इनमें से कई सोसाइटियों की हालत तो ऐसी हो गई हैं, जिनमें रहना भी दुश्वार है. ऐसे में इन सोसाइटियों के रिडेवलपमेंट का फायदा होगा. इनमें अथॉरिटी और को-ऑपरेटिव की ओर से बनाई गई सोसायटियां और कंपनियों की आवासीय कॉलोनियां भी शामिल हैं.

सोसाइटियों की बिल्डिंगों को नया लुक

इन सोसाइटियों की बिल्डिंगों को नया लुक देने का फायदा प्राइवेट डेवलपर्स की सोसाइटियों को भी मिलेगा. क्योंकि इसके बाद फ्यूचर में बनाए जाने वाले फ्लैट्स के साइज बड़े हो सकेंगे. हालांकि आगे बनने वाले फ्लैट्स को रिडेवलप करने के लिए पहले पॉलिसी बनाई जाएंगी. इसे बोर्ड की ओर से मंजूरी भी मिल गई है. पॉलिसी में डेवलपर की नियुक्ति, रिडेवलपमेंट के लिए डेवलपर का सिलेक्शन, कंस्ट्रक्शन के लिए क्राइटेरिया और जुर्माने के नियम बनाए जाएंगे. इन्हीं के आधार पर डेवलपमेंट किया जाएगा.

4777 फ्लैटों की रजिस्ट्री का भी रास्ता

इसके अलावा मीटिंग में 47 बिल्डर प्रोजेक्ट में 4 हजार 777 फ्लैटों की रजिस्ट्री का भी रास्ता साफ हो गया है. क्लाउड-9 प्रोजेक्ट के साथ-साथ 4 बिल्डर प्रोजेक्ट में फंसने वाले खरीदारों के लिए भी मीटिंग में अच्छा फैसला लिया गया. अब 3 परियोजनाओं में को-डेवलपर से काम कराया जाएगा.

इसके साथ ही बोर्ड बैठक में अथॉरिटी के सीईओ ने PPP मॉडल पर लग्जरी होटलों के लिए जमीन को चिन्हित कर प्रोजेक्ट लॉन्च करने का भी प्रस्ताव रखा. इसे भी मंजूरी दे दी गई है. दरअसल नोएडा में 5 स्टार और 7 स्टार होटलों की कमी की वजह से दिल्ली में ठहरना पड़ता है. ऐसे में लग्जरी होटल के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर योजना को लॉन्च करने का प्रस्ताव रखा गया है.

सेक्टर 164 में एडवांस चिप हब

वहीं नोएडा के सेक्टर 164 में एडवांस चिप हब को बनाने के लिए जमीन आरक्षित की गई है. यहां इलेक्ट्रॉनिक और सेमीकंडक्टर संग एडवांस चिप कंपनियों की ओर से भूखंड की मांग को देखते इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट के लिए जमीन आरक्षित की गई है. इस सेक्टर में एडवांस चिप के निर्माण के लिए जमीन आरक्षित करने के साथ उत्तर प्रदेश सरकार की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी के चलते सभी को फायदा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.

नोएडा में ज्यादातर लोग पैसे पूरे देने के बावजूद अपने ही फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए भटकते हैं. बिल्डरों की मनमानी से परेशान होने वाले ऐसे लोगों के लिए भी बोर्ड मीटिंग में सवाल किया गया, जिसके जवाब में बताया गया कि 57 परियोजनाओं में से 34 बिल्डर्स ने बकाया जमा करा दिया है. इससे परियोजनाओं में फंसे 4 हजार 777 लोगों के फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है. इनमें से 3125 की रजिस्ट्री कराई भी जा चुकी है.

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