Logo
ब्रेकिंग
सांझवीर टाईम्स के प्रतिष्ठा अलंकरण समारोह में जिले की 22 विभूतियां सम्मानित आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित
Header Ad

सियासी घमासान! कथा की अनुमति रोके जाने पर धीरेंद्र शास्त्री ने ममता बनर्जी को घेरा

0

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कोलकाता में कथा कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रहेंगी, तब तक वे बंगाल में कथा नहीं करेंगे. शास्त्री ने बताया कि उनका पश्चिम बंगाल का कार्यक्रम तय था, लेकिन वहां से परमिशन कैंसिल हो गई. उन्होंने कहा कि अभी हमें पश्चिम बंगाल जाना था, लेकिन दीदी ने हमें मना कर दिया. परमिशन कैंसिल हो गई है, अब जब तक दीदी हैं, हम वहां नहीं जाएंगे. दादा आएंगे तो जरूर जाएंगे.

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में 10, 11 और 12 अक्टूबर को धीरेंद्र शास्त्री की हनुमान कथा का आयोजन होना था. लेकिन भारी बारिश और प्रशासन से अनुमति न मिलने के कारण यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया. शास्त्री ने कहा कि किसी भी स्थान पर उन्हें आयोजन की अनुमति नहीं मिली. इस वजह से अब कथा को आगे के लिए टाल दिया गया है.

परमीशन नहीं मिलने पर भड़के

रविवार को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शास्त्री ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी राजनीति से जुड़ा नहीं है. उन्होंने कहा कि हम किसी का नाम नहीं लेना चाहते, लेकिन परमिशन रद्द हो गई और दूसरी जगह भी उपलब्ध नहीं हुई. हमने भगवान के भरोसे छोड़ दिया है. जब तक दीदी हैं, तब तक हम वहां नहीं जाएंगे, जब दादा आएंगे तो जरूर जाएंगे.

शास्त्री ने आगे कहा कि वे न तो किसी राजनीतिक दल के पक्ष में हैं और न ही किसी के विरोध में हैं. हम केवल सनातन धर्म और हिंदुत्व के पक्ष में हैं. भगवान का कार्यक्रम करते रहेंगे और उसी के भरोसे चलेंगे.

समर्थकों के लिए क्या बोले शास्त्री?

शास्त्री ने अपने अनुयायियों से अपील की कि वे इसे राजनीति से जोड़कर न देखें. उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह है कि कार्य भगवान के भरोसे ही होगा. अगर अनुमति नहीं मिलती है तो भी यह संकेत है कि भगवान अभी नहीं चाहते. लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि आगे जब समय सही होगा, तब था जरूर होगी.

Leave A Reply

Your email address will not be published.