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शराब की जगह बोतल में पानी मिलाकर बेचते थे, गाजीपुर में कैसे हुआ फर्जीवाड़ा? दो अरेस्ट

यूपी के गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के भद्रसेन हसनपुर डगरा गांव में कंपोजिट शराब की दुकान पर करीब एक माह पूर्व आबकारी विभाग की टीम ने छापेमारी की थी. छापेमारी में दुकान पर शराब में पानी मिलाकर बेचे जाने की बात पता चली थी. इस पर उस वक्त कार्रवाई करते हुए दुकान को सीज कर दिया गया था. साथ ही दुकान के मालिक और सेल्समैन को गिरफ्तार भी किया गया था.

अब इस मामले में जिला अधिकारी ने सुनवाई के दौरान फैसला देते हुए दुकान को पूर्ण रूप से निरस्त कर दिया है. जिला अधिकारी के इस फैसले के बाद जिले में शराब के व्यवसाय से लगे हुए दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति है, क्योंकि इस तरह ही कई अन्य दुकानों का भी संचालन जिले में धड़ल्ले से चल रहा है.

शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने मारा था छापा

दरअसल, आबकारी विभाग के अधिकारियों को करीब एक माह पहले एक शिकायत के जरिये पता चला था कि यहां की कंपोजिट शराब की दुकान पर शराब की बोतलों की सील तोड़कर उसमें पानी मिलाकर बेचा जाता है. इस शिकायत के मिलने पर आबकारी के अधिकारी दुकान पर पहुंचे. इसके बाद जब जांच की तो मामला सही पाया. फिर उसी वक्त तत्काल प्रभाव से दुकान के मालिक और सेल्समैन को सैदपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

शराब की बोतलों पर बारकोड गलत थे

जांच के दौरान टीम ने अंग्रेजी शराब की बोतलों पर बियर के होलोग्राम और स्टीकर लगे पाए थे. आबकारी विभाग की टीम ने शराब की बोतलों की जांच की तो बोतलों की मानक कि तीव्रता 42.8 की जगह 33.6 थी. इसी तरह जांच के दौरान कुल 87 अंग्रेजी शराब की बोतलों पर बारकोड भी गलत पाया गए थे.

इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से दुकान को निरस्त कर दिया था. इसके बाद इस मामले की सुनवाई के लिए जिला अधिकारी के पास पत्र भेजा था, जिस पर अब जिला अधिकारी ने भी सुनवाई करते हुए इस प्रकरण में शराब की दुकान को निरस्त कर दिया है.

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