
अयोध्या से बड़ी खबर सामने आई है. राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने राम मंदिर को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं. उन्होंने बताया कि रामलला के भव्य मंदिर में अब तक कुल 45 किलो सोना इस्तेमाल हो चुका है. इसकी शुद्धता शत-प्रतिशत है और टैक्स को छोड़कर इसका मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपये आंका गया है. यह सोना मुख्य रूप से मंदिर के भूतल पर स्थित सभी दरवाजों में लगाया गया है.
इसके अतिरिक्त भगवान श्रीराम के सिंहासन में भी स्वर्ण का कार्य किया गया है. नृपेंद्र मिश्र ने यह भी बताया कि अभी भी शेषावतार मंदिर में सोने की कारीगरी का काम जारी है. इन कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि मंदिर को सिर्फ भव्य ही नहीं, बल्कि अद्वितीय और दिव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है. राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य अब पूरा हो चुका है, लेकिन परिसर में कुछ ऐसे निर्माण प्रोजेक्ट हैं, जो आगामी महीनों तक चलेंगे.

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