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पिता हिंदू, बेटा मुस्लिम और परिवार की ही लड़की से निकाह की जिद… जबलपुर में मां-बेटी की हत्या के पीछे की क्या है वजह?

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के बरगी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है. एक सौतेले पिता ने पहले पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर बेटी को भी मौत के घाट उतार दिया. 6 जून की रात हुई इस घटना में गंभीर रूप से घायल किशोरी महक ने इलाज के दौरान 8 दिन बाद दम तोड़ दिया. पुलिस ने आरोपी रामजी भूमिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके खिलाफ अब दोहरे हत्या का मामला दर्ज किया गया है.

दरअसल, बरगी थाना क्षेत्र के पटेल तिराहा में रहने वाला रामजी भूमिया शराबी था. 6 जून की रात वह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा, जहां उसकी पत्नी राधा भूमिया (असल नाम अंजुम बानो) और 17 वर्षीय बेटी महक सो रही थीं. घर में उसके बेटे तौसीफ के विवाह को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था. तौसीफ भूमिया परिवार की ही एक लड़की से विवाह करना चाहता था, लेकिन रामजी इसके खिलाफ था. उसका तर्क था कि तौसीफ, राधा के पहले पति शहीद शाह की संतान है और मुस्लिम है, इसलिए वह हिंदू समाज की लड़की से विवाह नहीं कर सकता.

इसी मुद्दे को लेकर उस रात फिर बहस हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई. रामजी ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी उठाई और पत्नी राधा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए. राधा की मौके पर ही मौत हो गई. शोर सुनकर पास में सो रही महक ने मां को बचाने की कोशिश की, लेकिन रामजी ने उस पर भी हमला कर दिया. महक के पीठ, पेट और सिर में गंभीर चोटें आई थीं. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई.

वारदात के बाद रामजी भागकर पास के जंगल में छिप गया था. ग्रामीणों से सूचना मिलने पर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया और 7 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली है. बरगी चौकी प्रभारी सरिता पटेल ने बताया कि आरोपी अपने बच्चों से प्रेम करता था, लेकिन बेटे तौसीफ के विवाह को लेकर उसके मन में गहरी धार्मिक कट्टरता थी, जो इस जघन्य अपराध का कारण बनी.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार राधा उर्फ अंजुम मूलतः छिंदवाड़ा जिले के चांदामेटा की निवासी थी. उसकी पहली शादी शहीद शाह से हुई थी, जिससे उसे तीन संतानें तौसीफ, आसिफ और महक थीं. लगभग 12 साल पहले अंजुम और शहीद अलग हो गए थे. इसके बाद उसने बरगी निवासी रामजी भूमिया से शादी की और अपने बच्चों के साथ वहीं रहने लगी. लेकिन रामजी कभी इन बच्चों को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर सका.

रामजी की आपत्ति का मुख्य कारण तौसीफ का भूमिया समाज की लड़की से विवाह करने की जिद था. रामजी इस रिश्ते को धर्म और समाज की अस्मिता के खिलाफ मानता था. वह लगातार इस विवाह का विरोध करता रहा और इसी तनाव ने अंततः खूनी रूप ले लिया. पुलिस के अनुसार घटना वाली रात भी विवाद की शुरुआत इसी मुद्दे से हुई, जो क्रूर हत्या में तब्दील हो गई. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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