Logo
ब्रेकिंग
जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ...
Seva Mitra
Header Ad

डेढ़ महीने में सांवलिया सेठ की कमाई 29 करोड़, दान में मिली 135 किलो चांदी

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित सांवलिया सेठ धाम में हर साल लाखों भक्त आते हैं. यहां वह भगवान के दर्शन करते और वह अपनी क्षमता अनुसार मंदिर में दान भी करते हैं. सांवलिया सेठ धाम में आने वाले दान की साल में 11 बार गिनती होती है. इस बार इस गिनती की शुरुआत पिछले बुधवार को हुई थी, जिसमें करोड़ों रुपये के दान आने की बात सामने आई है. साथ ही भक्तों ने मंदिर में दिल खोलकर सोना-चांदी चढ़ाया है.

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित सांवलिया सेठ धाम में चतुर्दशी यानि होली पर खोले गए भंडार में प्राप्त कुल राशि की काउंटिंग पूरी हो गई है. पिछले डेढ़ महीने के भंडार, भेंट कक्ष और ऑनलाइन प्राप्त राशि मिलाकर मंदिर को कुल 29 करोड़ 9 लाख 62 हजार 700 रुपए का दान भक्तों से प्राप्त हुआ हैं, जो पिछले साल के इन्हीं डेढ़ महीने के भंडार की तुलना में 56.28% ज्यादा है. इन पैसों के अलावा वर्तमान बाजार कीमत के हिसाब से करीब 2 करोड़ रुपए का सोना-चांदी भी दान स्वरूप मंदिर को भेंट किया गया है.

ऑनलाइन आया करोड़ों का दान

मंदिर की परंपरा के अनुसार इस बार डेढ़ महीने का भंडार बीते बुधवार को खोला गया था. मंदिर को भेंट कक्ष और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी धनराशि प्राप्त हुई. 4 करोड़ 64 लाख 68 हजार 592 रुपए ऑनलाइन और मनीऑर्डर के जरिए भक्तों ने मंदिर को चढ़ाए हैं. मंदिर को भारी मात्रा में सोना और चांदी भी मिला है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये में है. मंदिर को कुल 1.13 किलो सोना और करीब 135 किलो चांदी मिली है.

पुजारी को तनख्वाह देने की है खास परंपरा

यहां किसी पुजारी को महीने की तय तनख्वाह नहीं दी जाती है. परंपरा के अनुसार ही पुजारी को तनख्वाह मिलती है. जैसे ही चढ़ावे की गिनती के लिए भंडार खोले जाते हैं तो सबसे पहले मुख्य पुजारी दोनों हाथ भरकर राशि बाहर निकलता है. उसके हाथ में जितनी ज्यादा राशि आएगी वही उसकी तनख्वाह होती है. मंदिर के गर्भगृह के सामने लगे भंडार में से जैसे ही नोट एक बार पुजारी के हाथ में आ जाए तो वह उसको भगवान के पास रखकर अपने पास रख लेते हैं. भंडार की बाकी सभी राशि और सोने चांदी को लॉकर में जमा करवा दिया जाता है. यहां साल में करीब 11 बार भंडार खुलता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.