Logo
ब्रेकिंग
Punjab Crime News: संगरूर में मां ने ही ली अपने 3 मासूम बच्चों की जान! पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलास... Amritsar Crime News: अमृतसर पुलिस का बड़ा एक्शन; अवैध हथियारों के 6 गिरोहों का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिर... Rupanagar Food Safety News: रूपनगर में फूड सेफ्टी विभाग का बड़ा एक्शन; 120 किलो खराब मिठाइयां नष्ट, ... Bamial Firing News: शादी समारोह में तकरार बनी खूनी रंजिश! बरियाल के पास गाड़ी घेरकर चलाई गोलियां, यु... Punjab Politics News: पंजाब की सभी 117 विधानसभाओं से गुजरी बीजेपी की यात्रा; 30 सितंबर को जालंधर में... Jalandhar Crime Suspicion: जालंधर में 3 साल की बच्ची के साथ घूमते नशेड़ी को लोगों ने पकड़ा; जानें क्... Jalandhar Gold Price News: जालंधर में आज सस्ता हुआ सोना और चांदी; जानें 24K, 22K गोल्ड और चांदी का न... Jamui Minor Girl Harassment Case: पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए जमुई कांड के आरोपी नंदन और हरेराम, अब त... Jitan Ram Manjhi on Jamui Case: 'सम्राट की सरकार किसी को बख्शेगी नहीं', जमुई एनकाउंटर पर बोले HAM सं... Jharkhand News: 'घरजमाई बनना व्यक्तिगत पसंद'; हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रखा बरकरार, जानिए पू...
Header Ad

Rajasthan HC Hearing: निकाय चुनाव से पहले देर रात खुला राजस्थान हाईकोर्ट; पार्षदों की गिरफ्तारी पर लगी रोक

बीकानेर। राजस्थान में जारी नगरीय निकाय चुनावों के बीच रविवार की रात राजस्थान हाईकोर्ट में एक ऐतिहासिक और असाधारण घटनाक्रम देखने को मिला। बीकानेर से जुड़े एक महत्वपूर्ण चुनावी मामले में तत्काल सुनवाई की आवश्यकता को देखते हुए रविवार देर रात हाईकोर्ट के दरवाजे खोले गए। रात लगभग 10 बजे याचिका दाखिल होते ही मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देश पर विशेष पीठ का गठन किया गया और जस्टिस सुनील बेनीवाल की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई शुरू की।

📜 2 महीने पुरानी FIR में थमाया गया था नोटिस: 21 सितंबर के मेयर चुनाव से रोकने की थी आशंका

यह पूरा मामला बीकानेर नगर निगम के वार्ड संख्या 18 से निर्वाचित पार्षद मकसूद अहमद से जुड़ा हुआ है।

मकसूद अहमद को करीब दो महीने पुराने एक मामले में 15 सितंबर को गवाह के तौर पर नोटिस जारी किया गया था और 19 सितंबर को घर पर रहने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने 20 सितंबर को अपना जवाब प्रस्तुत किया, लेकिन 21 सितंबर को होने वाले मेयर चुनाव में मतदान से रोकने और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की आशंका के चलते उन्होंने रविवार देर शाम राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

🌙 रात 10 बजे से आधी रात 2 बजे तक चली सुनवाई: 10 पार्षदों को मिली गिरफ्तारी से राहत

निकाय चुनावों में पार्षदों और प्रत्याशियों की संभावित गिरफ्तारी की आशंकाओं के बीच हाईकोर्ट में देर रात तक बहस चली।

रात 10 बजे शुरू हुई यह न्यायिक कार्यवाही तड़के 2 बजे तक जारी रही। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा। सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने बीकानेर के पार्षद मकसूद अहमद तथा हनुमानगढ़ के 9 पार्षदों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी और उन्हें मतदान प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति प्रदान की।

🏛️ हनुमानगढ़ और अन्य निकायों का राजनीतिक गणित: कोर्ट के आदेश से बदला माहौल

हनुमानगढ़ नगर निकाय की कुल 60 सीटों में से बीजेपी के पास 15 सीटें हैं, जबकि निर्दलीय विधायक गणेश बंसल के समर्थक 32 पार्षदों के पास बहुमत बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि गणेश बंसल को 23 साल पुराने एक पट्टा मामले में बीकानेर से गिरफ्तार किया गया था। इससे पूर्व कोर्ट ने कुचेरा (नागौर) के पूर्व अध्यक्ष तेजपाल मिर्धा और श्रीविजयनगर के प्रत्याशी सुशील मीढा की गिरफ्तारी पर भी रोक लगाई थी। हालांकि, मतदान के दिन हुए हंगामे के बाद कोर्ट ने श्रीविजयनगर के चुनाव परिणामों पर 28 सितंबर तक रोक लगा दी है।

🚔 पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना पर मामला दर्ज: श्रीगंगानगर में छापेमारी

चुनावों के दौरान अन्य स्थानों पर भी पुलिस कार्रवाई देखने को मिली। प्रतापगढ़ में पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के खिलाफ राजकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।

वहीं, श्रीगंगानगर में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थकों को धमकाने के आरोप में संजय मूंदड़ा, अशोक चांडक और मुकेश की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई, हालांकि अशोक चांडक को न्यायालय से राहत मिल गई।

🗣️ जनता ने बीजेपी को दिखाया आईना: गोविंद सिंह डोटासरा का सत्ता पक्ष पर तीखा हमला

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस नगर निकाय चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को आईना दिखा दिया है। बीजेपी हार के डर से पुलिस का दुरुपयोग कर रही है और दादागिरी पर उतर आई है। यही कारण रहा कि जोधपुर हाईकोर्ट को रविवार की छुट्टी वाले दिन रात 10 बजे खोलना पड़ा और न्यायालय को मजबूरन हमारे प्रत्याशियों को गिरफ्तारी से राहत देने का फैसला सुनाना पड़ा।”

Comments are closed.