
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भोपाल दौरे पर जिला अध्यक्षों के साथ बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस बारात के घोड़े को रेस में भेज देती थी और रेस के घोड़े को बारात में भेज देती थी. एक रेस का घोड़ा होता है. एक बारात का घोड़ा होता है. मुझे मध्य प्रदेश में आकर पता चला कि तीसरा लंगड़ा घोड़ा भी होता है. अब रेस का घोड़ा रेस में जाएगा. बारात का घोड़ा बारात में और लंगड़ा घोड़ा घर जाएगा. पार्टी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी. जो स्लीपर सेल हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा.
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता बीजेपी के दबाव में बयान देते हैं. कुछ अपनी फ्रस्ट्रेशन मिटाने के लिए बयान दे देते हैं. कुछ बीजेपी को सहयोग करने के लिए बयान देते हैं. जिला अध्यक्षों के जरिए मैं भविष्य के 55 नेता तैयार करना चाहता हूं. बिना जिला अध्यक्षों के लोकल बॉडी चुनाव और विधानसभा चुनाव के टिकट तय नहीं होंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.