
भोपाल : मध्यप्रदेश विधानसभा में सवाल-जवाब का दौर जारी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तरीके से तथ्यों के आधार पर सदन के पटल पर अपनी बात रख रहे हैं। मंगलवार को भी ऐसा ही एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जब कुछ विधायकों ने सरकार के द्वारा सिंहस्थ विकास कार्यों को लेकर सवाल किए।
सत्ता पक्ष के एक विधायक ने बजट पर बोलते हुए कहा कि – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने 2 हजार करोड़ रुपए उज्जैन सिंहस्थ के लिए रखे हैं, उज्जैन उन पर अभिमान करता है। इस दौरान उज्जैन सिंहस्थ में भूमि अधिग्रहण को लेकर भी सवाल उठे तो सत्ता पक्ष से उज्जैन-उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने सरकार का पक्ष रखते हुए प्रदेश के विकास और सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विचारों को उच्च शिखर पर ले जाने की बात कही।
धार्मिक स्थल बनाने के निर्णय का स्वागत करता हूं
अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि उज्जैन में जिस विधान सभा से मैं आता हूं, उसी विधानसभा में श्रीकृष्ण भगवान का सांदीपनी आश्रम है, वहां आश्रम में रहकर के उन्होंने 64 दिनों तक 64 कलाओं का अध्ययन किया और 64 लीलाएं की। उसके साथ-साथ उन्हें जाना पड़ा, धार के अंदर अमजेरा और उज्जैन के पास ही नारायणा, ऐसे चार स्थानों पर बड़े धार्मिक स्थल बनाने का जो सरकार ने निर्णय किया है। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं।
श्री कृष्ण पाथेय से सनातन विचारों को मिलेगा उच्च शिखर
अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा हमारी संस्कृति और हमारे सनातन के विचारों को सारे विश्व में उच्च शिखर पर ले जाने की दिशा में प्रदेश सरकार काम कर रही है। इसी क्रम में श्रीकृष्ण पाथेय योजना और राम पथ गमन योजना इस कड़ी का हिस्सा है।
सबकी सहभागिता सुनिश्चित
उन्होंने कहा कि हाल ही सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट प्रदेश को उच्च मानदण्डों पर स्थापित करने वाला है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन के नेतृत्व में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जो 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है। वह समाज की, देश की और प्रदेश की सबमें कहीं न कहीं सहभागिता निश्चित करता है। इस प्रदेश की दशा और दिशा बदलने के साथ-साथ यह बजट इस प्रदेश को सभी क्षेत्रों में उन्नति के शिखर पर ले जाएगा।

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