Logo
ब्रेकिंग
फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ... Patna Mithila Colony Incident: दानापुर में खूनी संघर्ष, शादी से पहले सिपाही भाई ने की आत्महत्या, पुल... Delhi Demolition News: शालीमार बाग मैक्स अस्पताल रोड पर देर रात चला पीला पंजा; भारी पुलिस बल तैनात, ... Monsoon Update 2026: मॉनसून की विदाई के बीच बिगड़ेगा मौसम; मध्य प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर में भारी...
Header Ad

राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पप्पू यादव और कन्हैया कुमार के लिए लाई गुड न्यूज?

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासत अपने रंग में रमती नजर आ रही है. वोटर लिस्ट में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया ने सियासी हलचल को तेज करने में अहम भूमिका निभाई है. जहां इसके पक्ष में सत्तारुढ़ एनडीए गठबंधन लगातार अपनी बातें रख रहा है तो इसके विरोध में महागठंधन के रूप में विपक्षी दल भी आक्रामक तेवर अपनाए हुए हैं. कांग्रेस राहुल गांधी की अगुवाई वाले ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए लोगों के बीच महागठबंधन की पैठ बनाने की कोशिश में लगी है. तो यह यात्रा पप्पू यादव और कन्हैया कुमार के लिए भी राहत भरी साबित हो रही है क्योंकि पिछली रैली के दौरान राहुल और तेजस्वी के रथ पर चढ़ने नहीं दिया गया था.

तब भी कांग्रेस SIR प्रक्रिया के विरोध में सड़क पर उतरी थी. SIR के विरोध में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल तमाम विपक्षी दलों ने पिछले महीने 9 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया था. बिहार बंद का समर्थन करने के लिए खुद राहुल गांधी भी बिहार पहुंचे. वह राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के साथ खासतौर से तैयार किए गए रथ पर सवार हुए. हालांकि यह यात्रा तब अचानक से सुर्खियों में आ गई, जब कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि रथ पर सवार होने की कोशिश कर रहे पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को चढ़ने ही नहीं दिया गया. इसका विपक्षी दलों खासकर बीजेपी ने भी मजाक उड़ाया.

पप्पू और कन्हैया को नहीं मिली थी जगह

हुआ यह था कि बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में राहुल गांधी के नेतृत्व में जुलूस निकाली जा रही थी. रथ पर राहुल गांधी के साथ आरजेडी नेता तेजस्वी भी सवार थे. रथ पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी चढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें चढ़ने से रोक दिया. वह रथ पर चढ़ नहीं सके. जबकि रथ पर राहुल और तेजस्वी यादव के साथ-साथ दीपांकर भट्टाचार्य (सीपीएम-माले), मुकेश सहनी (वीआईपी) और अन्य विपक्षी दलों के कई नेता पहले से ही मौजूद थे.

इसी तरह एक और घटना घटी जब प्रदर्शन के दौरान राहुल और तेजस्वी दोनों एक खुली वैन पर सवार थे. इस वैन पर इंडिया गठबंधन के कई और नेता चढ़ रहे थे, लेकिन जब पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव भी वैन पर चढ़ने की कोशिश करने लगे तो वहां सुरक्षा में तैनात जवानों ने उन्हें चढ़ने नहीं दिया और रोक दिया. बिहार में सियासत में दोनों नेता कांग्रेस के लिहाज से बेहद अहम माने जाते हैं.

कांग्रेस की किरकिरी

युवा नेता कन्हैया कुमार की बिहार की युवाओं के बीच अच्छी पैठ मानी जाती है. वहीं 6 बार के लोकसभा सांसद पप्पू यादव की अपने क्षेत्र में लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह कई बार बतौर निर्दलीय लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर चुके हैं. पिछला चुनाव भी वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत चुके हैं.

एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में महागठबंधन का ये विरोध प्रदर्शन इन दोनों नेताओं को गाड़ियों पर नहीं चढ़ने देने की घटना के आगे कमतर साबित हो गया. खुद कांग्रेस के रणनीतिकारों की भी किरकिरी हो गई थी. अब कांग्रेस एक बार फिर एसआईआर प्रक्रिया के विरोध को ही आगे बढ़ाते हुए बिहार में वोटर अधिकार यात्रा निकाल रही है. राहुल गांधी इसकी अगुवाई कर रहे हैं. पार्टी के रणनीतिकार इस बार पिछली चूक से बचने की कोशिश में हैं और पप्पू यादव के साथ-साथ कन्हैया कुमार को मंच पर जगह दिलाने की कोशिश की.

सासाराम में मंच पर पप्पू यादव

वोटर अधिकार यात्रा के पहले दिन सासाराम में आयोजित जनसभा के दौरान बनाए गए विशाल मंच पर राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लालू यादव, तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी समेत कई नेता मौजूद थे. इस मंच पर पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की मौजूदगी ने सभी को चौंका दिया. हालांकि वह मंच पर काफी किनारे खड़े थे. वह राहुल और तेजस्वी से दूर खड़े थे. यहां तक की वह विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नेता मुकेश सहनी से भी दूर दिखाई दिए.

इस मंच पर कन्हैया कुमार दिखाई नहीं दिए. लेकिन जब मंच पर आरजेडी नेता लालू यादव और तेजस्वी यादव मौजूद नहीं थे, तब कन्हैया कुमार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से बातचीत करते नजर आए. वह काफी देर तक राहुल और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल से बातचीत करते दिखे.

16 दिन तक चलेगी यात्रा

राहुल गांधी की यह वोटर अधिकार यात्रा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई है और यह 16 दिनों तक चलेगी. यात्रा के दौरान 20 से ज्यादा जिलों को कवर करते हुए करीब 1300 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी. शुरुआत सासाराम से की गई, और अब यह औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, मुंगेर, भागलपुर, पूर्णिया, सुपौल, दरभंगा, सीतामढ़ी, चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा जैसे जिलों से होते हुए गुजरेगी. इस यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगा.

सियासी गलियारे में यह कहा जाता है कि तेजस्वी यादव कांग्रेस के नेताओं पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को ज्यादा पसंद नहीं करते. कन्हैया कुमार को बिहार के युवाओं में खासी लोकप्रियता मानी जाती है. उनकी नौकरी दो पलायन रोको यात्रा ने कांग्रेस की बिहार में फिर से पैठ बनाने में खासी मदद की है. कांग्रेस कन्हैया के जरिए बिहार में अपनी खोई जमीन तलाशने में लगी है. आक्रामक अंदाज को देखते हुए कांग्रेस कन्हैया कुमार को लगातार आगे कर रही है. हालांकि उनके तेवर को आरजेडी ज्यादा पसंद नहीं करती और यही वजह है कि वह उन्हें अपने मंचों से दूर रखती रही है.

पप्पू ने लालू यादव के छुए पैर

यही हाल पप्पू यादव का भी है, उनकी अपनी विशिष्ट छवि है. कोरोना संकट के दौरान उन्होंने अपने राज्य के लोगों की खुलकर मदद की थी. आगे भी लगातार मदद को तैयार रहते हैं. आरजेडी के विरोध की वजह से कांग्रेस ने पप्पू यादव को पूर्णिया से टिकट नहीं दिया था, लेकिन वो निर्दलीय मैदान में उतरे और विजयी हुए. सासाराम में यात्रा के दौरान जब लालू यादव से पप्पू यादव की मुलाकात हुई तो पप्पू यादव ने आरजेडी प्रमुख से पैर छुकर उनका आशीर्वाद लिया था, जिसका वीडियो तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया.

लेकिन अब बिहार में हालात बदल रहे हैं. कांग्रेस एसआईआर और वोटर अधिकार यात्रा के जरिए अपनी जगह तलाशने में लगी है. यही वजह है कि पप्पू यादव और कन्हैया कुमार के जरिए कांग्रेस बिहार में अपने वोट बैंक में इजाफा करने के साथ-साथ अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाह रही है. साथ ही इन दोनों नेताओं के लिए भी यह गुड न्यूज की तरह है कि पिछली बार जिस तरह से उनके साथ व्यवहार किया गया था, वो इस बार नहीं दिख रहा है. पहले ही दिन जिस तरह से वोटर अधिकार यात्रामें दोनों नेता नजर आए वो अगले 15 दिन की यात्रा में भी दिखाई देंगे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.