Logo
ब्रेकिंग
आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित बैतूल के लिए गर्व का क्षण — मोहन नागर को मिलेगा पद्मश्री सम्मान
Header Ad

आपकी लापरवाही, हैकर्स की कमाई! OTP और कार्ड के भी बिना खाली हो सकता है अकाउंट

0

साइबर ठगी करने वाले आप लोगों का अकाउंट खाली करने के लिए नए-नए तरीके खोजकर लाते रहते हैं. अब हाल ही में एक नया मामला सामने आया है जिसमें ठगी करने वाले बिना कार्ड और ओटीपी के बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं. भारत के झारखंड में हाल ही में एक नया मामला सामने आया जहां एक बुज़ुर्ग महिला के खाते से 10 हजार रुपए निकाल लिए गए.

झारखंड में बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस साइबर फ्रॉड की घटना ने सभी को चौंका दिया है. इंडिया टीवी की खबर के मुताबिक, झारखंड के गढ़वा जिले में ठगों ने महिला को पीएम किसान योजना का लाभ दिलाने में मदद करने का झांसा दिया. ठगी करने वालों ने धोखे से महिला की आंखों को स्कैन कर बैंक अकाउंट को एक्सेस कर पैसे निकाल लिए. महिला को धोखाधड़ी का पता उस दिन चला जब वह बैंक गई और पैसे गायब पाए.

ऐसे हुई पूरी घटना

आजकल ज्यादातर बैंक अकाउंट व्यक्ति के आधार कार्ड से जुड़े होते हैं, इस वजह से बायोमेट्रिक स्कैन जैसे कि फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के ज़रिए पैसे निकाले जा सकते हैं. ठगी करने वालों ने महिला के आधार नंबर का इस्तेमाल कर बैंक अकाउंट ढूंढ लिया और फिर महिला कीजानकारी के बिना उनकी आंखों को स्कैन कर पैसे निकाल लिए.

खुद को ऐसे रखें सेफ

आधार कार्ड के साथ सावधानी बरतें: आपके निजी दस्तावेज खासकर आधार कार्ड, किसी को भी देने से बचें. अगर आपको इसे साझा करना ही है तो वर्चुअल आधार नंबर का इस्तेमाल करें जिसे UIDAI की वेबसाइट के जरिए आप डाउनलोड कर सकते हैं.

बायोमेट्रिक्स लॉक करें: UIDAI की वेबसाइट पर कार्ड पर बायोमेट्रिक जानकारी को लॉक करने की भी सुविधा देती है. इसका मतलब है कि कोई भी आपके डेटा तक पहुंचने के लिए आपके फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. हालांकि, आपको हर बार बायोमेट्रिक सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए इसे मैन्युअल रूप से अनलॉक करना होगा और बाद में इसे फिर से लॉक करना होगा.

Leave A Reply

Your email address will not be published.