Logo
ब्रेकिंग
आर डी कोचिंग के विद्यार्थियों ने जे ई ई मैंस में हासिल की उत्कृष्ट सफलता, 99.68 परसेंटाइल हासिल कर स... Live: एमपी विधानसभा में बजट पेश कर रहे वित्त मंत्री देवड़ा, जानिए किसको क्या मिला नई दिल्ली से ताम्रम जा रही GT एक्सप्रेस के पार्सल वैन में लगी आग, बड़ा हादसा टला 13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित बैतूल के लिए गर्व का क्षण — मोहन नागर को मिलेगा पद्मश्री सम्मान
Header Ad

‘आदिवासी महिलाएं टैक्सपेयर बन रहीं…’ केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम बोले- ऐसे प्रयासों से विकसित भारत को बढ़ावा मिलेगा

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र के दौरे के दौरान ईशा फाउंडेशन के ग्रामीण और आदिवासी विकास प्रयासों की समीक्षा की और उनके प्रयासों की सराहन की है. उन्होंने विशेष रूप से थनिकंडी गांव की आदिवासी महिलाओं की प्रगति का जिक्र किया, जिन्होंने मात्र 200 रुपए की पूंजी से शुरुआत कर अब लखपति बनकर इनकम टैक्स भरना शुरू कर दिया है.

ईशा फाउंडेशन के मार्गदर्शन में 2018 में गठित चेल्ला मारी अम्मन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सबसे पहले आदियोगी परिसर के पास छोटे-छोटे दुकानों से व्यापार की शुरुआत की. उस समय यह स्थान एक उभरता हुआ पर्यटक स्थल था. सालों के परिश्रम और प्रशिक्षण के फलस्वरूप अब ये छोटे व्यवसाय लाखों के टर्नओवर में बदल गए हैं. यह बदलाव न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की भी मिसाल है.

ओराम ने कहा कि ईशा फाउंडेशन के सहयोग से आदिवासी महिलाएं अब लखपति बन गई हैं और इनकम टैक्स भर रही हैं. इस प्रकार ये सभी पहले विकसित भारत की नींव रखेंगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सद्गुरु के दृष्टिकोण को साकार करेंगी.

गांव भ्रमण और विकास कार्यों की सराहना

अपने दौरे के दौरान मंत्री ने एक निकटवर्ती आदिवासी गांव का दौरा भी किया और वहां के निवासियों से सीधे बातचीत की. उन्होंने कहा कि ईशा फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे कार्य चाहे वह ग्रामीण विकास हो, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आध्यात्मिकता या सांस्कृतिक संरक्षण अत्यंत सराहनीय हैं. गांव वाले ईशा फाउंडेशन की ओर से किए जा रहे कार्यों से खुश भी हैं.

रोजगार के लिए बेहतर उपाय किए जा रहे

ईशा फाउंडेशन द्वारा वर्षों से कोयंबटूर के आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने की दिशा में सतत कार्य किया जा रहा है. इनमें शैक्षणिक छात्रवृत्तियां, 24×7 स्वास्थ्य सेवा, कचरा प्रबंधन, पोषण पूरक आहार, और हुनर विकास प्रशिक्षण जैसे प्रयास शामिल हैं. अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कई जगहों का निरीक्षण भी किया और कार्यों का जायजा भी लिया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.