
चार माह से मानदेय नहीं मिलने पर ग्राम रोजगार सहायकों ने किया प्रदर्शन कहा– आर्थिक संकट से जूझ रहे, दिवाली भी नहीं मना सके
बैतूल। चार माह से मानदेय नहीं मिलने से परेशान ग्राम रोजगार सहायकों ने सोमवार को बैतूल जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। जिले के करीब 72 ग्राम रोजगार सहायकों ने एकजुट होकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि उन्हें हर माह 18 हजार रुपए मानदेय मिलता है, जो पिछले चार माह से नहीं मिला है।
मानदेय नहीं मिलने से वे आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। कई सहायकों ने बताया कि वे अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं भर पा रहे हैं, वाहनों की ईएमआई लंबित है और दिवाली जैसे त्योहार भी बेरौनक बीत गए।
इस मामले में सीईओ जनपद शिवानी राय को वस्तुस्थिति जानने फोन किया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं किया।
क्या होता है ग्राम रोजगार सहायक का काम
ग्राम रोजगार सहायक (GRS) ग्रामीण विकास विभाग के तहत मनरेगा सहित अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे गांवों में मजदूरों का पंजीयन, कार्यस्थलों की उपस्थिति, मजदूरी भुगतान से जुड़ा ऑनलाइन डाटा एंट्री कार्य, योजना प्रस्तावों की जानकारी एकत्रित करने और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी जैसे कार्य करते हैं।
- ग्राम रोजगार सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो वे कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
