
The court’s decision शादी में चाकू बाजी में हुई हत्या के दोषियों को उम्रकैद
Betul :The court’s decision
बैतूल। शादी में फोटो खींचने के विवाद में तीन साल पहले हुई युवक की चाकू से गोदकर हत्या के मामले में जिला अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
Murder convicts sentenced to life imprisonment for stabbing at wedding
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल की अदालत ने आरोपी विक्की यादव (22) निवासी ग्राम लावण्या और देवेन्द्र यादव (27) निवासी ग्राम हाथीकुण्ड, थाना शाहपुर को धारा 302, 34 भादवि के तहत आजीवन कारावास एवं 7-7 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। इसके साथ ही धारा 324, 34 भादवि में दोनों आरोपियों को 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3-3 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई।
अभियोजन की ओर से उपनिदेशक अभियोजन राजकुमार उईके एवं सहायक निदेशक अभियोजन एस.पी. वर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जबकि सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह ने प्रकरण में विशेष सहयोग प्रदान किया। मामले में अंतिम तर्क एडीपीओ सोहनलाल चौरे द्वारा तैयार किए गए। इस प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में रखा गया था।
घटना 7 मई 2023 की है, जब फरियादी मोहन यादव अपने भाई चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल के साथ ग्राम हाथीकुण्ड में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। रात करीब 11:40 बजे स्टेज पर फोटो खिंचवाने के दौरान आरोपियों से धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद आरोपियों ने परिवार की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया।
इसी दौरान मुख्य आरोपी विक्की यादव ने चन्द्रशेखर उर्फ बीरबल पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के दौरान आरोपी देवेन्द्र यादव उसे पकड़कर हमले में सहयोग करता रहा। बीच-बचाव करने पहुंचे मोहन यादव पर भी आरोपियों ने हमला कर उसे घायल कर दिया।
घायल चन्द्रशेखर को उपचार के लिए पाढ़र अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त चाकू एवं कपड़े जब्त किए।
जांच पूरी होने के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां अभियोजन द्वारा साक्ष्य एवं गवाहों के आधार पर अपराध सिद्ध किया गया। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाई।
