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MP Politics Update: राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम पर 10 लाख की फीस पर बवाल; जीतू पटवारी ने RSS पर उठाए सवाल

भोपाल। संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रस्तावित इंदौर यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये की राशि जमा कराए जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रमों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। जीतू पटवारी ने कहा कि संसद में नेता प्रतिपक्ष का पद संवैधानिक रूप से प्रधानमंत्री के समकक्ष माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद पहली बार विपक्षी नेता के कार्यक्रम के लिए 10 लाख रुपये की मोटी फीस वसूली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छुपाने की कोशिश कर रही है, हालांकि कांग्रेस जिस जनहित के उद्देश्य से यह कार्यक्रम कर रही है, उसके आगे यह राशि कोई मायने नहीं रखती।

❓ RSS के कार्यक्रमों से ली गई कितनी राशि? जीतू पटवारी का सरकार से सीधा सवाल

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश में पिछले 5 वर्षों के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 1,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित हो चुके हैं।”

उन्होंने सरकार से जवाब मांगा कि वह स्पष्ट करे कि इन आयोजनों के स्थलों के लिए आरएसएस से कितनी राशि जमा कराई गई? यदि उन कार्यक्रमों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया गया, तो विपक्ष के नेता के कार्यक्रम के लिए फीस क्यों ली गई? जनता देख रही है कि किस तरह तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के लिए पैसा मायने नहीं रखता, बल्कि देश और प्रदेश की आने वाली पीढ़ी की शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने बीजेपी पर सनातन, धार्मिकता और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी सोच के कारण देश विकट परिस्थितियों में जा रहा है।

📚 मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल: प्रदेश के 2,269 स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने देश और प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला।

पटवारी ने बताया कि देश में 12 करोड़ बच्चे अपनी स्कूली शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे हैं, वहीं 8.7 करोड़ युवा न तो शिक्षा में हैं, न रोजगार में और न ही किसी स्किल ट्रेनिंग में। आने वाले वर्षों में युवा आबादी का हिस्सा तेजी से घटने वाला है और देश की कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 2.1 से नीचे आ चुकी है।

शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश में 16 प्रतिशत शिक्षकों की कमी है, जबकि मध्य प्रदेश के स्कूलों में 19 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। देश में 1 लाख स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिनमें से अकेले मध्य प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या 2,269 है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश में केवल 32.3 प्रतिशत बच्चे ही 12वीं कक्षा तक पहुंच पाते हैं।

🏛️ बीजेपी के ‘झूठ की गूंज’ वाले बयान पर पलटवार: जनता को गुमराह करने का आरोप

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को बीजेपी द्वारा ‘झूठ की गूंज’ करार दिए जाने पर पलटवार करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा शिक्षा व्यवस्था पर उठाए गए बुनियादी सवालों का सरकार को सीधा जवाब देना चाहिए।

बीजेपी केवल अनर्गल बयानबाजी करके जनता का ध्यान भटकाने और उन्हें गुमराह करने का काम करती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के तथाकथित विकास का असली चेहरा सागर में अवैध शराब से हुई मौतें, बालाघाट में मासूम बच्चों की मौतें और इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के रूप में देश के सामने आ रहा है।

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