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MP का ऐसा गांव जहां मौत के बाद भी सकून नहीं मिलता, मरने वाले और परिजन को खाए रहती है एक ही चिंता जानिए वजह?

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मुरैना : कहते हैं मौत के बाद दुनिया की भाग दौड़, खुशी गम से मरने वाला इंसान कोसों दूर चला जाता है। न खुशी की चिंता न परेशानी का एहसास होगा। लेकिन मध्य प्रदेश के सतना में इसका उल्टा असर दिख रहा है। जहां अगर किसी के घर में मौत हो जाती है तो मृतक और परिजनों को एक ही चिंता सताए रहती है, वह है अंतिम संस्कार की। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मौत के बाद भी इंसान को सकून नहीं मिल रहा। क्योंकि जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जिले की ग्राम पंचायत विंडवा देवगढ़ गांव में ग्रामीणों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। यहां श्मशान घाट में टीन शेड ना होने के कारण परिजन अपने मृतकों का अंतिम संस्कार खुले आसमान के नीचे करने को मजबूर हैं।

भारी बारिश के बीच गांव में लक्ष्मी नारायण बघेल नाम के शख्स की अचानक मौत हो गई। उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की गई लेकिन भारी बारिश के बीच जल रही चिता भीग गई और परिजनों ने मजबूरी में तिरपाल लगाकर अंतिम संस्कार किया। बारिश में भीग रही चिता पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर रही है।मृतक का भाई अमर सिंह बघेल ग्राम पंचायत विण्डवा देवगढ मे 10 वर्ष सचिव रहा है।

मृतक के बेटे महेंद्र सिंह तोमर ने पंचायत प्रशासन पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि श्मशान के लिए राशि निकाली गई। लेकिन न तो चबूतरे बनाए गए और न ही टीनशेड लगाया गया। 500 की आबादी वाले इस गांव में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने सचिव पर बिना काम कराए पैसे निकालने का आरोप लगाया है।

अंबाह एसडीएम रामनिवास सिंह सिकरवार ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद सीईओ को जल्द टीनशेड की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं।साथ ही अन्य पंचायतों में भी श्मशान में टीनशेड से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आदेश दिया है।

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