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बैतूल भोपाल हाइवे की बदहाली पर मंत्री गडकरी सख्त अधिकारियों से पूछा हफ्ता मिलता है क्या?

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बैतूल–भोपाल हाईवे की जर्जर हालत को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक उठे जनआंदोलन के बीच अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का बड़ा बयान सामने आया है। गडकरी ने बैतूल के बरेठा घाट से लेकर हाईवे की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए साफ कहा कि इसके लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर (PD) और रीजनल ऑफिसर (RO) की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

 

गडकरी ने कहा —

 

> “खराब सड़क पर अगर हादसों की संख्या बढ़ रही है तो अधिकारी के परफॉर्मेंस का ऑडिट करो। देखो उसने कैसा काम किया। ऐसे अधिकारी का प्रमोशन मत करो। जो काम किया गया है उसका परफॉर्मेंस ऑडिट जरूरी है। अच्छी सड़कों की जरूरत है। बैतूल–भोपाल सड़क को लेकर मैंने मंत्रालय के सचिव को पत्र भी भेजा है।”

 

उन्होंने आगे कहा —

 

> “मैं नागपुर से बैतूल के फॉरेस्ट एरिया में गया था। बैतूल से इटारसी के बीच करीब 8 किलोमीटर सड़क फॉरेस्ट क्लियरेंस के कारण बंद है। रास्ते की क्वालिटी भी बैतूल के आगे ठीक नहीं थी। मैंने PD और RO को बुलाकर पूछा — ये क्वालिटी कैसी है? तुम्हें दिखती नहीं क्या? कॉन्ट्रेक्टर से हफ्ता मिल रहा है क्या? दस साल की जो डिफेक्ट लायबिलिटी है, उसमें ठेकेदार की बजाय अधिकारी के पीछे लगना पड़ेगा।”

 

गडकरी का यह बयान 28 अक्टूबर को एक औद्योगिक संगठन CII के कार्यक्रम** में आया, लेकिन इसका वीडियो सामने आने के बाद से बैतूल और प्रदेशभर में हलचल है। लोगों का कहना है कि आखिरकार मंत्री ने सड़क की वास्तविक स्थिति को स्वीकार किया है।

 

एक साल से सड़क पर जनआक्रोश

 

बैतूल–भोपाल नेशनल हाइवे की दुर्दशा पिछले एक साल से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रही है। जगह-जगह गड्ढे, अधूरा निर्माण और टोल वसूली ने लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया था। कांग्रेस ने भी कुंडी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन कर टोल बंद करने की मांग की थी।

 

25 अक्टूबर को जब केंद्रीय मंत्री गडकरी परिवार सहित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए बैतूल पहुंचे थे, तब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टोल पर उन्हें ज्ञापन देने का कार्यक्रम बनाया था, लेकिन मंत्री वहां नहीं रुके।

 

अब उनके हालिया बयान के बाद जनता में उम्मीद जगी है कि बैतूल–भोपाल हाईवे की मरम्मत और गुणवत्ता सुधार को लेकर मंत्रालय से जल्द ठोस कार्रवाई होगी।

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