
बैतूल में आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि का पूरा भुगतान न होने से उनमें गहरा असंतोष है। प्रदेशभर की तरह पांढुर्णा में भी बुधवार को आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं ने संगठन की जिलाध्यक्ष शबाना शेख के नेतृत्व में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने ज्ञापन में बताया कि आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह मात्र 6,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन पिछले महीनों का भुगतान अधूरा है। दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार से पहले भी केवल लगभग 30 प्रतिशत राशि ही जारी की गई है। इससे हजारों आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं की दिवाली फीकी पड़ने की आशंका है।
जिलाध्यक्ष शबाना शेख ने कहा कि तीन अक्टूबर को संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सीएमएचओ से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था, जिसमें दो दिन में पूर्ण भुगतान का आश्वासन मिला था। लेकिन अब तक आंशिक भुगतान ही हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही बकाया भुगतान नहीं किया गया, तो दीपावली के बाद प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार और हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
संगठन ने अपनी मांगों में आशा कार्यकर्ताओं के लिए 21 हजार रुपये फिक्स वेतन और नियमितिकरण, जीपीएफ सुविधा, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये की सहायता, दुर्घटना या आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता और केन्द्र सरकार द्वारा घोषित 1500 रुपये की वृद्धि का एरियर सहित भुगतान शामिल किया है।
आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई में
अधूरे भुगतान से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि उनके मानदेय का समय पर और पूर्ण भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि वे त्यौहार खुशी से मना सकें।
