Logo
ब्रेकिंग
अमृतसर एयरपोर्ट पर दिखा संदिग्ध ड्रोन, 7 फ्लाइट्स हुईं डायवर्ट; जांच में सामने आया बड़ा सच Batala News: ब्याह पंचमी से पहले शरारती तत्वों की करतूत, गुरु नानक देव जी व माता सुलखनी जी के होर्डि... डीपीएस इंदिरापुरम में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस: शिक्षकों के समर्पण और योगदान का हुआ सम्मान जालंधर नगर निगम कमिश्नर बदले, IAS संदीप ऋषि की जगह PCS सुरिंदर सिंह संभालेंगे कमान अमृतसर में ड्रोन गतिविधि के बाद आदमपुर एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट: SSP हरविंदर विर्क ने दिए सुरक्षा बढ़ान... पंजाब और चंडीगढ़ में सरकारी कर्मचारियों का पूर्ण काम बंद: आज एक दिवसीय भूख हड़ताल, आम जनता परेशान Punjab Election 2027: पंजाब चुनाव को लेकर BJP का मास्टरप्लान, अक्टूबर में PM मोदी का 3 दिवसीय दौरा; ... लुधियाना में बेखौफ झपटमारों पर जनता का फूटा गुस्सा: बुजुर्ग महिला की बाली छीन रहे बदमाश को रंगे हाथ ... इस्लाम गंज में सवारी बिठाने को लेकर खूनी संघर्ष: ऑटो चालक पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला Punjab Politics: 'बयानबाजी से पहले आंकड़े पढ़ें बाली', जालंधर भाजपा अध्यक्ष ने करतारपुर कॉरिडोर व AI...
Header Ad

कोच कहार को जिला क्रीड़ा प्रभारी के पद से हटाया, विवाद बने वजह,

0

बैतूल। आदिवासी कन्या क्रीड़ा परिसर बैतूल के कोच के.के. (कमल किशोर) कहार को जिला क्रीड़ा प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह परिसर के वरिष्ठ पीटीआई विनय यादव को यह दायित्व सौंपा गया है। इस संबंध में आदेश सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग बैतूल विवेक कुमार पांडे द्वारा बुधवार को जारी किया गया।

 

आदेश में उल्लेख है कि आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग भोपाल के आदेशानुसार के.के. कहार को सप्ताह में तीन दिन — सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार — को भोपाल स्थित आयुक्त कार्यालय में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। उनकी जिले में अनुपस्थिति के कारण विभागीय खेल गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इसी के मद्देनज़र कार्यव्यवस्था की दृष्टि से विनय यादव को अस्थायी रूप से जिला क्रीड़ा प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।

 

गौरतलब है कि कोच के.के. कहार को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद सामने आ रहे थे। हाल ही में सांसद खेल महोत्सव के दौरान पुलिस ग्राउंड बैतूल में आयोजित प्रतियोगिताओं में आदिवासी कन्या क्रीड़ा परिसर की छात्राओं ने बताया था कि उन्हें तीन वर्षों से खेल सामग्री और आवश्यक संसाधन नहीं मिले हैं। इस दौरान बच्चों को बिना जूतों और किट के ग्राउंड पर दौड़ते देखा गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो व्यापक रूप से सामने आए थे।

इस मामले को http://Khabaram.com ने प्रमुखता से उठाया था। जिले में खेल सुविधाओं की बदहाली को लेकर कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने भी अपनी नाराजगी जताई थी।

 

अब विभागीय आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जिला स्तर पर खेल गतिविधियों में फिर से नई ऊर्जा आएगी और खिलाड़ियों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.