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Dementia and Alzheimer News: भूलने की बीमारी को न करें नजरअंदाज, पीजीआई में जल्द शुरू होगा खास बॉडी-फ्लूड टेस्ट पैनल

चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित संस्थान पीजीआईएमईआर (PGIMER) में अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी गंभीर न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों की शुरुआती और अधिक सटीक पहचान के लिए एक विशेष जांच सुविधा शुरू करने की तैयारी की जा रही है. बायोकेमिस्ट्री विभाग की प्रो. इंदु वर्मा के अनुसार, संस्थान में जल्द ही ‘बॉडी-फ्लूड टेस्ट’ का विशेष पैनल शुरू किया जाएगा, जिससे डॉक्टरों को मरीज की स्थिति का आकलन करने और सही उपचार रणनीति तय करने में खासी मदद मिलेगी.

🔍 2. हर भूलने की बीमारी नहीं होती अल्जाइमर, शुरुआती जांच और उपचार की निगरानी में आएगी तेजी

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ चीजें भूलने की समस्या को केवल सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह डिमेंशिया या अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. नए बॉडी-फ्लूड टेस्ट के जरिए न केवल बीमारी की समय रहते पहचान हो सकेगी, बल्कि इलाज के दौरान मरीज पर दवाइयों के असर और बीमारी के विकास पर भी बारीकी से नजर रखी जा सकेगी.

🤝 3. परिवारों के लिए शुरू होगा पेशेंट सपोर्ट प्रोग्राम, लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह

अल्जाइमर के क्षेत्र में नई ‘डिसीज-मॉडिफाइंग मेडिसिन्स’ के आने के बाद शुरुआती जांच की जरूरत काफी बढ़ गई है. पीजीआईएमईआर का न्यूरोलॉजी विभाग मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक विशेष ‘पेशेंट सपोर्ट प्रोग्राम’ शुरू करने की भी योजना बना रहा है, ताकि परिवारों को बीमारी की प्रकृति और मरीज की देखभाल करने के तरीकों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिल सके.

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