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बैतूल: गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने मेडिकल छात्र की संदिग्ध मौत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की, छात्रवृत्ति व छात्र हितों को लेकर भी सौंपा ज्ञापन

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बैतूल– गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन इंडिया (GSU) जिला बैतूल इकाई ने आज दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर छात्रों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यूनियन ने एक ओर प्रदेशभर के अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति और छात्रावास से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की मांग की, वहीं दूसरी ओर एमबीबीएस छात्र यशराजे उइके की संदिग्ध मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठाई।

 

यूनियन ने बताया कि यशराजे उइके, निवासी बासन्याढाना (घोड़ाडोंगरी), ने बिना कोचिंग के NEET परीक्षा पास कर एमबीबीएस में प्रवेश पाया था और गजराज मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत था। उसे रविशंकर शुक्ल जूनियर बॉयज छात्रावास में रूम मिलना था, लेकिन जगह न मिलने के कारण वह अपने साथी के साथ निजी तौर पर रह रहा था।

रात के समय छात्रावास भवन की तीसरी मंजिल से गिरकर उसकी मौत हो गई, जबकि छात्रावास प्रबंधन ने पहली मंजिल से गिरना बताया। यूनियन ने यह भी बताया कि यशराज का मोबाइल तीसरी मंजिल पर मिला, जिससे घटना पर संदेह और गहराता है। संगठन ने आरोप लगाया कि यह मामला जातिगत रूप से प्रेरित हो सकता है, क्योंकि मृतक आदिवासी छात्र था।

 

यूनियन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की जांच पांचवीं अनुसूची क्षेत्र के नियमों के तहत कराई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

इसी के साथ गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और अनुसूचित जनजाति आयोग को संबोधित **एक अन्य ज्ञापन** भी सौंपा, जिसमें छात्रवृत्ति वितरण में देरी, नर्सिंग छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति, छात्रावासों में सीटों की कमी, छात्राओं के लिए सैनिटरी पैड की व्यवस्था, और कॉलेजों में स्टेशनरी व पुस्तकों की समय पर उपलब्धता जैसी मांगें शामिल थीं।

 

यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

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