
Bareilly Nagar Nigam Action: खसरा संख्या 220-221 की जमीन पर अवैध कब्जे; नोटिस के बाद हड़कंप, वसूला जाएगा खर्च
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और बिना नक्शे के हुए अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सुभाषनगर पुलिया के आसपास बने होटल, गेस्ट हाउस और व्यावसायिक दुकानों समेत कुल 13 संपत्तियों पर नगर निगम की टीम ने ध्वस्तीकरण के नोटिस चस्पा कर दिए हैं। नोटिस जारी होते ही संबंधित कब्जेदारों और भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। नगर निगम प्रशासन ने सभी को 15 दिन की मोहलत दी है। यदि निर्धारित समयसीमा में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम की टीम खुद मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगी।
🏢 होटल, गेस्ट हाउस और दुकानें शामिल: सर्वे के बाद मानचित्रकार और प्रवर्तन दल ने की कार्रवाई
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, इन 13 चिह्नित संपत्तियों में तीन बड़े गेस्ट हाउस, एक होटल और कई व्यावसायिक दुकानें शामिल हैं।
कार्रवाई से पहले नगर निगम की विशेष सर्वे टीम ने मौके का स्थलीय निरीक्षण किया था। सर्वे के दौरान सरकारी जमीन पर पक्का निर्माण और अतिक्रमण पाए जाने की पुष्टि हुई। इसके तुरंत बाद नगर निगम के मानचित्रकार, निर्माण विभाग और प्रवर्तन दल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने संबंधित कब्जेदारों को सीधे नोटिस थमाए और जिनके भवन बंद मिले, वहां दीवारों पर नोटिस चस्पा कर दिए।
📍 क्यों थमाया गया नोटिस? खसरा संख्या 220 और 221 की सार्वजनिक जमीन पर किया गया था कब्जा
नगर निगम के आधिकारिक राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, खसरा संख्या 220 और 221 की जमीन दर्ज अभिलेखों में सार्वजनिक मार्ग के रूप में अंकित है।
इसके साथ ही, मुख्य मार्ग के किनारे 12.5 फीट चौड़ी जमीन भी सरकारी अभिलेखों में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज है। निगम अधिकारियों का कहना है कि सर्वे में इसी 12.5 फीट चौड़ी जमीन और सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा करके व्यावसायिक निर्माण खड़ा करने की बात साबित हुई है। इसी आधार पर सभी संपत्ति स्वामियों को कानूनी नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है।
⚠️ 15 दिन में कब्जा न हटाने पर चलेगा बुलडोजर: हर्जाना भी कब्जेदारों से ही वसूला जाएगा
नगर निगम प्रशासन ने पूरी स्थिति स्पष्ट करते हुए चेतावनी दी है कि 15 दिन की समयसीमा के भीतर यदि संबंधित लोगों ने खुद निर्माण नहीं हटाया, तो निगम जेसीबी (JCB) और भारी पुलिस बल के साथ अभियान चलाएगा।
निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नगर निगम को खुद करनी पड़ी, तो इस पूरी प्रक्रिया में आने वाला प्रशासनिक खर्च और बुलडोजर का हर्जाना संबंधित कब्जेदारों से ही वसूला जाएगा। इसके अलावा, आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।
💬 नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का बयान: नियम उल्लंघन पर की जाएगी सख्त कानूनी कार्रवाई
फिलहाल सुभाषनगर पुलिया क्षेत्र में नगर निगम के इस कड़े रुख की काफी चर्चा है और क्षेत्र के अन्य अतिक्रमणकारियों में भी भय का माहौल है।
इस पूरी कार्रवाई पर जानकारी देते हुए नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सार्वजनिक मार्ग और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। 15 दिन की अवधि पूर्ण होने के बाद यदि स्थिति में बदलाव नहीं होता है, तो विधि अनुसार बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

Comments are closed.