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Allahabad High Court Lucknow Bench: गोंडा कस्टोडियल डेथ मामले में आरपीएफ के दो जवानों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोंडा जिले में 35 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के दो आरोपी जवानों की अग्रिम जमानत याचिकाएं बुधवार को खारिज कर दीं. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी की और कहा कि भले ही कोविड-19 महामारी का दौर खत्म हो चुका है, लेकिन हिरासत में मौत (कस्टोडियल डेथ) का सिलसिला कम होता हुआ बिल्कुल नहीं दिख रहा है.

🔍 2. तेल चोरी के मामले से जुड़ा है पूरा विवाद, आरपीएफ पूछताछ के लिए ले गई थी संजय कुमार सोनकर को

यह पूरा मामला गोंडा के किंकी गांव का है, जहाँ के निवासी संजय कुमार सोनकर की कथित रूप से हिरासत में मौत हो गई थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, पिछले साल 28 सितंबर को गोंडा से गुवाहाटी जा रही एक मालगाड़ी से मोतीगंज रेलवे स्टेशन के पास सरसों के तेल के 6 डिब्बे चोरी हो गए थे, जिसकी जांच के दौरान आरपीएफ ने संजय सोनकर का नाम शामिल किया था. चार नवंबर को आरपीएफ के जवान उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए थे और अगली सुबह परिजनों को उसकी मौत की खबर मिली.

🏏 3. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान का हुआ जिक्र, आरपीएफ कर्मियों के वकीलों की दलील को कोर्ट ने नकारा

अभियोजन पक्ष का गंभीर आरोप है कि हिरासत में रखने के दौरान संजय सोनकर के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई. वहीं आरोपी आरपीएफ दारोगा करण सिंह यादव और सिपाही अमित कुमार यादव ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में केवल मामूली खरोंचों और चोटों का जिक्र है, जिससे मौत होना संभव नहीं है. हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि यह ट्रायल के दौरान सबूतों से तय होगा.

🚨 4. हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- ऐसी घटनाओं में पुलिसकर्मियों को खुद साबित करनी होगी अपनी बेगुनाही

सुनवाई के दौरान जस्टिस मनीष माथुर की बेंच ने स्पष्ट रूप से कहा कि हिरासत में मौत के मामलों में यह साबित करने की जिम्मेदारी मुख्य रूप से पुलिसकर्मियों या सुरक्षा बलों की होनी चाहिए कि उन्होंने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया है. कोर्ट ने पुलिस बल द्वारा इंसानी जिंदगी को कमतर आंकने पर गहरी नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि आरोपी जवानों को इस स्तर पर अग्रिम जमानत का कोई लाभ नहीं दिया जा सकता है.

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