
बैतूल। भारत की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है। टीम ने पहली बार आयोजित टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। इस विजेता टीम में मध्यप्रदेश की तीन खिलाड़ी—दमोह की सुषमा पटेल, पिपरिया (होशंगाबाद) की सुनीता और बैतूल की दुर्गा येवले शामिल रहीं।
विश्व कप का पहला मैच दिल्ली में श्रीलंका के साथ खेला गया था। कुल पाँच लीग मैचों में से दो दिल्ली, एक बेंगलुरु और दो कोलंबो में खेले गए। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जहां नेपाल की टीम के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की।
टीम में।शामिल बैतूल की दुर्गा येवले ने बताया कि फाइनल में भारत ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला किया। नेपाल ने 115 रन का लक्ष्य दिया, जिसे भारतीय टीम ने मात्र 12.1 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम ने टूर्नामेंट के सात में से पाँच मुकाबले खेले और हर बार बेहतरीन प्रदर्शन किया।
बैतूल की खिलाड़ी दुर्गा येवले ने बताया कि फिलहाल वह बेंगलुरु में हैं और टीम जल्द ही दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मुलाकात कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उन्हें गर्व है और यह सफलता देशभर की दृष्टिबाधित बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
