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‘बेटा मुझे कोई मिल नहीं रहा’… वैष्णो देवी लैंडस्लाइड में दिल्ली का एक परिवार खत्म, दादी ने रोते हुए सुनाई हादसे की कहानी

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जम्मू-कश्मीर के वैष्णो देवी में हुए लैंडस्लाइड के कारण दिल्ली के बुराड़ी इलाके में रहने वाले एक ही परिवार के चार सदस्यों सहित उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई. वहीं, इस हादसे दो बच्चे घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना के बाद से ही मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. 16 लोगों का जत्था एक साथ बुराड़ी से माता वैष्णो देवी यात्रा के लिए निकला था, जिसमें से करीब 6 लोगों की यह आखिरी यात्रा बन गई.

बुराड़ी के केशव नगर कॉलोनी में रहने वाला एक परिवार और उनके रिश्तेदार सहित 16 लोगों का एक ग्रुप 23 अगस्त को जम्मू-कश्मीर स्थित वैष्णो देवी यात्रा के निकला था. इन लोगों ने 29 अगस्त को वापस लौटने की योजना बनाई थी. हालांकि, इससे पहले 26 अगस्त को हुए वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर लैंडस्लाइड के कारण एक बड़ा हादसा हो गया. हादसे की चपेट में आने से बुराड़ी के रहने वाले अजय, उनके भाई राजा (40) राजा की पत्नी पिंकी और उनकी बेटी दीपांशी (12) की मौत हो गई.

एक ही परिवार के 4 लोगों सहित 6 की मौत

वहीं, गाजियाबाद के रहने वाले उनके रिश्तेदार की बेटी तान्या (17) और बेटे पुकार (23) की भी लैंडस्लाइड में दबने से दर्दनाक मौत हो गई. इस पूरी यात्रा की प्लानिंग राजा ने की थी. वह अपने बेटे का मुंडन कराने के लिए मां, भाई, पत्नी, बेटी और रिश्तेदारों वैष्णो देवी यात्रा के लिए निकले थे. यात्रा में 16 लोग शामिल थे, जिसमें राजा, उनकी पत्नी पिंकी, उनकी बेटियां दीपांशी (9) और आरोही (6), बेटा अयांश, राजा के बड़े भाई अजय (49), उनकी मां राम कुमारी के अलावा पिंकी की बहनें सुमन, पूनम और पिंकी के परिवार के सात सदस्य थे.

पहली यात्रा पर निकले थे

सभी लोग बहुत ही हंसी-खुशी माता रानी का जयकारा लगाते जा रहे थे. इसी बीच यह हादसा हो गया. राजा की मां को छोड़कर बाकी सभी लोग पहली बार वैष्णो देवी यात्रा के लिए निकले थे. राजा की मां राम कुमारी ने बताया कि वह अपनी पोती आरोही के साथ पालकी पर बैठकर अर्धकुंवारी गुफा मंदिर की तरफ जा रही थीं. इसी बीच परिवार और रिश्तेदार उनके पीछे-पीछे पैदल आ रहे थे, तभी एक दम से लैंडस्लाइड होने लगा, जिसमें सभी लोग फंस गए.

‘बेटा मुझे कोई नहीं मिल रहा…’

इस दौरान चारों तरफ भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी. सभी लोग अपने-अपने परिजनों की तलाश कर रहे थे. इस बीच बुजुर्ग महिला राम कुमारी ने अपने पोते और राजा के भतीजे यश को फोन किया. महिला ने इस दौरान कहा कि बेटा मुझे कोई मिल नहीं रहा… यहां हादसा हो गया है. बाद में महिला को पता चला कि इस हादसे में उनके परिवार उजड़ गया. उनके दोनों बेटों, बहू और पोते की मौत हो गई हैं.

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