Logo
ब्रेकिंग
13 फरवरी को सारणी में लगेगा रोजगार मेला, 9 कंपनियां करेंगी भर्ती, 775 से अधिक पदों पर मौका नागपुर एम्स में चार साल के हर्ष की मौत, कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड का था पीड़ित, चार माह से ICU में चल र... लोकायुक्त ट्रैप में फंसे बैतूल नायब तहसीलदार के रीडर को चार साल की सजा ई-साइकिल की बैटरी में धमाका, दिव्यांग युवक जिंदा जला महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजीत पवार की विमान हादसे में मौत, बारामती में हुआ हादसा एसआईआर–2026 में बैतूल को बड़ी उपलब्धि, कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी को राज्यपाल ने किया सम्मानित बैतूल के लिए गर्व का क्षण — मोहन नागर को मिलेगा पद्मश्री सम्मान बैतूल में भीषण सड़क हादसा: स्कॉर्पियो ने भूतपूर्व सैनिक और भतीजे को मारी टक्कर, दोनों की हालत गंभीर,... डेढ़ करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले का तीसरा आरोपी प्रकाश बंजारे गिरफ्तार, दो पहले ही पकड़े जा चुके भैंसदेही में बड़ा हादसा: स्कूल बस और तूफान की टक्कर में छात्रा की मौत, 11 बच्चे घायल
Header Ad

नालंदा जिले में बाढ़ का खतरा, फल्गू नदी का जलस्तर बढ़ने से बिगड़े हालात

बिहार के नालंदा जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल ह, लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं. दरअसल पड़ोसी राज्य झारखंड में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश के बाद फल्गू नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया जिसकी वजह से कुछ छोटे बांधों के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, ऐसे में अब नालंदा जिले में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है. फल्गू नदी का जलस्तर बढ़ने सेकई इलाकों में पानी घुस गया है.

बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, ’19 जून को फल्गू नदी में जलस्तर में अचानक इजाफा होने के कारण अधिकारियों ने उदेरास्थान बैराज (जहानाबाद में) से 73,000 क्यूसेक पानी छोड़ा. बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से कुछ छोटे बांधों के हिस्से काफी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे नालंदा जिले के हिलसा, कराईपरसुराय और एकंगरसराय के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई’.

प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए टेंट

संबंधित अधिकारी प्रभावित लोगों को भोजन के पैकेट और पीने के पानी सहित राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं. प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी तौर पर टेंट लगाए गए हैं. उनके लिए तमाम तरह की सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है. ताकि लोगों को किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो. बाढ़ की आशंकी के चलचे लोग अपने घरों को छोड़कर टेंट में रहने को मजबूर हैं, जिसकी वजह से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

एनडीआरएफ की दो टीम तैनात

इस बीच बाढ़ के हालात को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. इलाके में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीम तैनात की गई हैं जो स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. फल्गू नदी का जलस्तर बढ़ने से नालंदा जिले के तीन प्रखंडों में बाढ़ का पानी फैल गया है. एकंगरसरया का बेलदारी बिगहा सबसे ज्यादा प्रभावित है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.