Logo
ब्रेकिंग
जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा का संदेश लेकर आगे बढ़ा रक्तदान अभियान, सनातनी विनोद कुमार बिंदल के मंदिर... सतपुड़ा वैली पब्लिक स्कूल बना बैतूल का नंबर 1 को-एड डे स्कूल, एजुकेशनवर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग 202... बैतूल में SevaMitra की शुरुआत, अब घर बैठे बुक करें होम सर्विस फोन नहीं उठाते सीईओ,मीडियाकर्मियों में नाराजगी,ज्ञापन सौंपा Ola Uber Ban Chandigarh: ओला-उबर के लाइसेंस रद्द होने के बाद शुरू हुई 'भारत टैक्सी', जानिए यात्रियों... Haryana News: लगातार चौथी बार देश में अव्वल रही करनाल शुगर मिल, केंद्रीय मंत्रियों ने दी प्रतिष्ठित ... NCC DG Team Selection: हरियाणा के होनहार शूटर विजयन्त ढाण्डा ने बढ़ाया राज्य का मान, देश के टॉप-12 शू... Haryana Road Mishap: नूंह सड़क हादसे में चार लोगों की मौत, पत्नी गंभीर रूप से घायल; पुलिस जांच में ज... Haryana Crime News: पानीपत में اغवा हुआ बच्चा बरामद, एक लाख में बेचने की थी डील; पुलिस ने दो को दबोच... Gurnam Singh Chaduni Mahapanchayat: धान खरीद की मांग पर अड़े किसान, हाईवे पर बीती रात; आज होगी बड़ी ...
Seva Mitra
Header Ad

सावन पुत्रदा एकादशी कब है? जानें 23 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा विधि और संतान प्राप्ति के सिद्ध मंत्र

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी का सनातन धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन तिथि पर जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु और उनके बाल स्वरूप भगवान श्रीकृष्ण (बाल गोपाल) के विधि-विधान से पूजन का विधान है।

वर्ष 2026 में श्रावण पुत्रदा एकादशी का पावन व्रत रविवार, 23 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि संतान प्राप्ति में बाधाएं आ रही हों अथवा संतान के स्वास्थ्य, उन्नति और सुरक्षा की कामना हो, तो पति-पत्नी को एक साथ व्रत रखकर वैदिक मंत्रों का जप और विशेष अनुष्ठान करना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया पूजन दांपत्य जीवन में सुख-शांति लाता है और अभीष्ट मनोकामनाएं पूर्ण करता है।

📜 संतान गोपाल सिद्ध मंत्र: विधि और जप के नियम

संतान प्राप्ति की बाधाओं को दूर करने और संतान की दीर्घायु व रक्षा के लिए ‘संतान गोपाल मंत्र’ का जप सर्वश्रेष्ठ माना गया है:

  • सिद्ध मंत्र:

    ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

    देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥

  • जप विधि: पुत्रदा एकादशी के दिन स्नानादि से निवृत्त होकर बाल गोपाल की प्रतिमा या चित्र के समक्ष गाय के शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें।

  • माला का नियम: तुलसी की माला से इस मंत्र की कम से कम 5 या 11 माला का जप करें।

  • सात्विक भाव: पति-पत्नी दोनों मिलकर एकाग्रचित्त होकर जप करें, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

🧘 श्री कृष्ण बाल रूप ध्यान मंत्र का महत्व

भगवान श्रीकृष्ण के मनमोहक बाल स्वरूप का ध्यान करते हुए बीज मंत्र युक्त ध्यान मंत्र का स्मरण करना अत्यंत फलदायी होता है:

  • ध्यान मंत्र:

    ॐ क्लीं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते।

    देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः क्लीं ॐ॥

  • मानसिक शुद्धि: इस मंत्र के स्मरण से चित्त शांत और भाव शुद्ध होते हैं तथा भक्ति सुदृढ़ होती है।

  • संयुक्त अनुष्ठान: जब दंपत्ति साथ बैठकर इस ध्यान मंत्र का पाठ करते हैं, तो साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है और संतान के जीवन में आने वाले कष्ट दूर होते हैं।

🍯 गोपाल सहस्रनाम पाठ, प्रिय भोग और दान-दक्षिणा का नियम

एकादशी पूजन को पूर्ण और सिद्ध बनाने के लिए शास्त्रों में विशेष भोग और पाठ का विधान है:

  • सहस्रनाम पाठ: मंत्र जप के साथ-साथ ‘गोपाल सहस्रनाम’ और ‘विष्णु सहस्रनाम’ का श्रद्धापूर्वक पाठ करना अत्यंत कल्याणकारी होता है।

  • प्रिय भोग: बाल गोपाल और भगवान विष्णु को माखन-मिश्री, पंचामृत और ताजे तुलसी दल का भोग अवश्य अर्पित करें।

  • प्रसाद वितरण व दान: पूजन के उपरांत पंचामृत व माखन का प्रसाद परिजनों में वितरित करें। इसके बाद योग्य ब्राह्मणों अथवा जरूरतमंदों को सात्विक भोजन कराकर यथाशक्ति अन्न, वस्त्र और दक्षिणा दान करें।

Comments are closed.