
Ganpati Visarjan Puja Rules: अनंत चतुर्दशी 2026 के बाद कलश और नारियल का क्या करें? जानिए पूजा से जुड़ी अहम बातें
गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश की स्थापना के साथ-साथ कई घरों में कलश भी स्थापित किया जाता है, जिसे शुभता, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है. गणपति विसर्जन के बाद सबसे पहले पूजा स्थान की सफाई की जाती है और इसके बाद कलश से जुड़ी सामग्री को सम्मानपूर्वक हटाया जाता है. मान्यता है कि कलश को जल्दबाजी में उठाकर कहीं भी नहीं रखना चाहिए, बल्कि विधि-विधान के साथ इसे हटाना बेहद शुभ माना जाता है.
💧 2. कलश में रखे पवित्र जल और नारियल का क्या करना चाहिए? जानिए प्रसाद और पौधे में डालने के सही तरीके
गणपति विसर्जन के बाद कलश में बचे जल को फेंकने के बजाय किसी पौधे या तुलसी में अर्पित कर देना चाहिए, हालांकि अगर जल में ऐसी चीजें हैं जो पौधे के लिए ठीक नहीं, तो उसे नाली में डालने से बचना चाहिए. वहीं, कलश पर रखे नारियल को परिवार के सदस्यों के बीच प्रसाद के रूप में बांटा जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा की किसी भी सामग्री का अनादर नहीं होना चाहिए.
🧹 3. कलश हटाने की सही प्रक्रिया और पूजा सामग्री के विसर्जन से जुड़े जरूरी दिशा-निर्देश
गणपति विसर्जन के बाद पूजा की सभी सामग्री को एक साथ हटाने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. कलश का जल खाली करने के बाद उसे अच्छी तरह साफ करके सुरक्षित रख लें, यदि कलश मिट्टी का है तो उसे नियमानुसार विसर्जित किया जा सकता है. इसके अलावा फूल, अक्षत और अन्य पूजा सामग्री को कूड़े में फेंकने के बजाय सम्मान के साथ अलग करना चाहिए ताकि पवित्रता बनी रहे.

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